दशानन का अंत हुआ और उसके अधर्म का साम्राज्य ढह गया। गुरुवार को डीरेका के प्रसिद्ध दशहरा मेले में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतला का दहन होते ही जय श्रीराम के उद्घोष से स्टेडियम और आसपास का क्षेत्र गूंज उठा। गुरुवार शाम चार बजे से तीन घंटे तक चली रामलीला के संगीतमय मंचन के बाद पुतला दहन किया गया।
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