Tu Sooraj Main Saanjh, Piyaji" – A Heartwarming Tale of Love & Redemption
This popular Indian romantic drama, a sequel to Diya Aur Baati Hum, follows Kanak (Rhea Sharma) and Uma (Avinesh Rekhi) in a journey of love, betrayal, and second chances. After a forced marriage, Kanak transforms Uma’s superstitious nature, only to face separation, deceit, and a shocking remarriage.
Two years later, Kanak re-enters Uma’s life as a strong, independent woman, uncovering painful truths—Uma was blackmained into marrying Meera. After exposing villains Nanda and Aditya, they reunite, but new challenges arise. Kanak pursues paramedics, while Uma supports her despite obstacles, including memory loss (later revealed as a ruse to strengthen her resolve).
Filled with emotional twists, sacrifices, and a triumphant ending, this series celebrates love, resilience, and empowerment.
01:18थारे मन में ब्याके रीती रिवाजने भाने की इच्छा जाकी है
01:22आने द्यादित्या को पूरे धूम धाम से सारी रिदेर निवाजने भाऊंगे
01:26आने भाण अजाब की पूजय इस रामन ने रखी और आपके लिए तो सभी बरते एक समान है ना?
01:40अजाब की पूजय इस रामन ने रखी और आपके लिए तो सभी बरते एक समान है ना?
01:54जो जो सच्छे मन से वाँगे आप दे देते हो भाण यहां यहां सबसे ज्यादर मुझे आपकी जरुरत है
02:02इस हेल्ट ना किसी भी तरह मुझे भाबो के दुकान की पेपर सक पहुचा दीजिये
02:07पुमा जी अव अपनी धर्म पत्नी का नाम लेकर संकल पलीजिये
02:17कम से कम पूजा के लिए है सही अपना नाम बता दो
02:25नहीं कभी ने बताओंगी
02:27पताने किस मिट्टी से चड़ा है उपर बाले ने एक शब न निकले हैं उसे
02:31संकल्प लिना ज़रूरी है उमा जी
02:34क्या कुलगोत्र के साथ नाम भी ना पता
02:37पापी साहब अपना नाम पताई है ना
02:49पंडी जी आप पूजा आगे बढ़ाई
02:51पुजा प्रे बढ़ाई पूजा थो सास्तर के गयाता है आप दो जानते हैं की पूजा में नाम का संकल्प इता जा ज़रूरी है
02:57अभी तक नाम नहीं बताया उमा को अपना सोने जैसे रूप का इतना घमन हम अँए
03:11अभी तक नाम नहीं बताया उम्मा को अपना, सोने जैसे रूप का इतना घमन
03:16उम्मा को इसका नया नाम रख देना चाहिए, बिन्धरी का तो सोने जैसा रूप है, अन्नपुर्ण भी हो सकती है, धतूरे जैसे नशिली तो नहीं लग रही
03:29दादोसा, ये कनक का मतलब क्या होता है?
03:35कनक के कई मतलब होते हैं, सोने जैसा खारा, शुद्ध केहों का दाना, धतूरे का नशा और शक्ती का रूप भी होता है कनक
03:42कितनी जित्ती है, उम्मा दादोसा बहुत कुस्से में, अब पता नहीं क्या करेंगे
03:59करेंगे
04:29गया हो bye
04:31राम राम राम !
04:34राम राम राम !
04:36राम राम राम कि देफी
04:39राम राम राम Haut
04:42भूही रावान में जैंके मारना तो नहीत चाहता हूं
04:59कर्ण
05:29कर्ण
05:48कर्ण
05:54देखा
05:55पंड़ी जी, कनक
06:06कनक
06:13ये, ये मिरा नाम कैसे जाल गया
06:22मुझे अच्छे से आदे मिने अपना नाम नहीं बतायता इसे
06:25ये बंदा ब्लाक मैजिक जानता है क्या
06:27और क्या पता लगा लिए इसमें
06:29मेरा खर फैमिली
06:31ओ नो
06:32ये तो आपने चीटी करती भगबाद
06:35ना डरना, ना रोना, ना हिच्की
06:43बस याद रख तु बेटी है किसकी
06:47भाभी सार का नाम करक
06:50और करक के कही मतलब होते हैं
06:53जैसे अन, नशा और श्वरण
06:57वैसे एक चौथा मतलब भी होता है
06:59हठी
07:02अमीद है तुम्हें अपने नाम पसंद आया होगा
07:08नहीं आया
07:09तो धीरे धीरे इस नाम के साथ
07:11तुम्हारे बन के तार चुड़ जाएगे
07:13सब बोले नात की ग्रबाए
07:18जैसे हमारे विवा का संजोग मिठाया हो
07:20आगे वे हमारे रास्ते आसान बनाएगे
07:24बंड़ जी
07:26इनका नाम कनक है
07:28आप पूजा शुरू कीजी
07:30यह आदमिया तो जादूगर है
07:32यह सच में बबान
07:34खुच ज्यादा ही फ्रिंडी हो गए है इसके साथ
07:36खत्रब बहुत बढ़ गया है कनक
07:38जितना जल्दी हो सके
07:40पेपर लेके निकल जाए हां से
07:41अरे भाई सुनो
07:43दुकान का ना कोना कोना
07:45एकदम सोने सा चमकना चाहे
07:47लोग देखे तो देखते ही रहे जाबे
07:50बैस सट्वी साल गिरा है
07:51मारे सूरज की दुकान की
07:53जी बाब
07:53एकदम धुम धाम से मनाऊंगी मैं
07:56अरे वो जगमग वाली
08:00वो लट्टू लाड़े की थी ना बाद
08:02के कठे है
08:02वो छोड़ा ले के ही आ रहे हो
08:04ले कर आता होगा
08:06रे
08:06अरे आरे जे के
08:12दिखा मारे को
08:14अरे जे तो एकदम
08:16पुरानी डिजेन की है
08:17अरे वो नई डिजेन की आवे हैं ना
08:20पवन बोलियो थो मारे को
08:21थे आजकाल ना वो हाथ में विसीन रखे ना
08:24वो दबावे तो आगे पीछे
08:27जगमख जगमख होवे हैं
08:29बोले कर आए
08:30ये रो वापस लगे आप
08:31दूसरा लेके आप
08:32जो
08:33रह अरे राम मारे ओ
08:35अरे के करे हैं
08:37रह अठे टेबल कोनी लगानी
08:38अरे अठे रंगोली बनानी है
08:40घटा
08:41अब अब बब
08:43क्या कर रही आप
08:45चोड़ लग जाधी आपको
08:47कुछ ना होब आप अरे को
08:52थारो ठेहन कथे लगे
08:54तेरा ध्यान केतर ना या बब बब
08:56तु तो हनमानदेली की शेर है ना तो जो तो कुछ होई नही सकता
08:58कुछ ना हुआ हमारे को
09:03रे रे पंपुडो कठे गयो रे पंपुडो
09:06आ गया मैं कि दर गया में तो यही हूँ बाबो
09:10थारे को का था ना मेने के भीम जान के अठे से घी लेकर अड़ो है यायो के
09:17पर उसकी धानी कितनी दूर है भाबो सुबह जाओ तो दुपैर हो जाती है
09:21भाबी वह सब ठाकर बढ़ गए है खुद का फैसला खुद ही ले ले में है
09:27रेचत मिठाई बना सकूँ हूँ हाँ दुकान चला सकूँ हूँ तो पठे जा करके ना घी भी ले कराऊंगी मैं
09:34पीछे ना रेड़ वाली अब जा दे काम करना मारो ही बुंडो जेखेंगी तो प्राइब भाबो पानी
09:46क्या सोच रहे इस प्रॉब्लम का सॉलोशन धोड़ रहा हूँ
10:02यह दुकान ना ममी पापा और भाबा के लिए मंदर समान है और इस दुकान को बनाए रखने के लिए भाब अपनी जीजान लगा रही है तो क्या करें यह यार कोई बड़ा फैसला लेना है ना तो यह दुकान निकालने होगी है
10:19संजह नहीं दुकान बेचनी होगी हमें
10:32जो मनमानी करने है करने दिल पर उसके बाद भाबों को बचाने के लिए यह दुकान बेचनी होगी हमें
10:39करनक पापी संब शादी की सबसे अनोखी और मज़दार रसन तो अब है उलाना देना
10:51जोब के मज़ाड ढूर्ट अलाना मतलब होता है इतना तो यह भी जानती होगी
11:05जादो साथ आप बीच में बहुत बोलने लगें आज कर अगर बाबी साथ जानती भी होंगी तो देवर का तो काव होता है ना समझाना
11:14अच्छा बाबी साथ उलाना का मज़ों बता है अपने मन ने जितनी विशे कायात है वह बोल देना
11:23वाव इस पच्चे ने थु रावन की पोगती बन करा दी चलिए अब कुमा से शिरू करते उलाने की रसन
11:34अरे बिननी सा उलाना बोलना शुरू करेगी तो तीन राप न रुकेगी सही बोला अपने
11:40शंकर पार्वती सी जोड़िये अपनी तु चंदा मैं चको
11:46भरबर अंजली प्रेम का प्याला सांच बहेया भोर
11:52साथ वचनों का बंदन है यह मन से बांधे मीथ नैना तक तक हुए बामले कब तु मेरी समझे प्रीत
12:02बहुत अच्छा अब काना की बारी
12:19शिकायते तो इतनी है कि बस में हूँ तो यह रावन सीधा जेल जाए पर इस वक्त मुझे सिर्फ अपने भावों के दुकान की पेपर्स हासिल करना बागी मैं कुछ याद नहीं रखना चाहते
12:35शिकायते मन में नहीं रखनी चाहिए शब्दों को बाहर आने को
12:43हाँ भीधनी साय आज मन में जो है बोल दो
12:49बोल दो भावी सा को सुनाने का मौका फिर बतानी कम मिले
12:54हाँ भावी सा बोल दो अपने दिल की राज
12:57हाँ हाँ बोल दे आज अपने मन की बार
13:01मुझे कुछ नहीं बोलना
13:09पालोमी बोल देगी
13:27और उसके पीछे पीछे बीदनी साब बोल देगी
13:31हाँ
13:33बिल्कुल सही का मासिसा अपने
13:35शब्दों की बाद जो था बालम समझेना नैनों की भाशा
13:47कभी बया कर देता मंदा
13:51कभी ना बोले जरा सका
13:53ऐसा सताय जैसे निनक नहीं मैं माती की मूरत
13:58ना समझे दिल के बोल
14:00ना देखे मेरी सुरत
14:04मुझे लगा कनक भी ऐसा है कुछ बोलना चाहती हूं
14:22क्या खूब दिल की बात पढ़नेती हो पालोमी जीजी
14:26अब यही बात उनकी जुबानी हो जए जिनकी दिल की बात तुमने कही है
14:32बोल दे कनक बरना सारे रात ये तुझे यहीं बिठा के रखेगे
14:40शब्दों की बात जोता बालम ना समझे नैनों की भाशा कभी बया कर देता मन्दा कभी ना पुले जरासा
14:51ऐसा सत्ताए जैसे मैं मिनक नहीं माती की मूरत ना समझे दिल के बोल ना देखे मेरी सुरत
15:01उमा की बिदली सा उलहा ना तो पलो मी की जबानी बुलवा लिया पर बेचे आरी पालो मी सुहाग रात पितारी को है मदद ना कर सके
15:15सरोज काकी अभी उसमें देर है दोनों को सबर करना होगा सबर की तो बात ही मत करो आज का जमाना बड़ा तेज है
15:29जानो हो काकी हमने तो सबते यारी कर रखी थी
15:32पंडित जी ने कहा के बीन निसाय का नाम और गोत्र का कुछ अता पता नहीं है इसलिए बीन निसाय के लिए शुदी करन की पूझा करानी होगी उसके बाद ही बीन निसाय धर्म के अनुसार दियाहता कहलावेगी
15:45तो तब रावन ये गहने की कोशिश कर रहा था
15:56और मैंने बिकार में नल चालू कर दिया
15:58यहनी रात में कोई डरने की ज़रूरत है नहीं थी
16:01और मैंने सारी रात बिकार में बात्रूम में गुजार दी थी
16:03और वो भी बिना नाइट के
16:05एनिवे खनक अच्छी खबर ये है कि अब तुझे थोड़ा और टाइम मिल गया है
16:11अपने मकसद को पूरा करने के लिए
16:13हाँ अब जा गया राम मिला है
16:24ये भारी भरकम कपड़े पेंके तो ऐसे लग रहा है कि कई किलो का कबच पेंके युद्ध में जा रही हूँ
16:29हाँ
16:31देखो
16:35तुम्हें पूरा दिन स्नान घर में बिताने की जरुद नहीं है
16:41वैसे भी मैं भार जा रहा हूँ
16:43उम्मीद करता हूँ अब तक तुम समझ गई होगी
16:45कि कल रात भी तुम्हें स्नान घर में बिताने की जरुद नहीं है
16:48घर में और पी चला है
16:59कर दो कर दो
17:29कर दो कर दो कर दो
17:59कि वाव कितना अच्छा लग रहा है इतने टाइम बात खुली हवाब में सांस लेके
18:06यहां तुम्हें रावंडर से दूर होकर भबो की पेपर्स की बारे में शांती से सोच सकती हूं कुछ प्लान कर सकती हूं
18:16कर दो कर दो कितना भबो
18:25जूरी में भी पेपर्स नहीं थे
18:55प्रावन की पोस्ने जल्मानी में भी नहीं थे
18:59तो कहां हो सकते हैं
19:25कि अधिया आपना बड़े दयालू हूँ जैसे मेरा दिमाग फिल होने लगता है आप छट से इसमें पेट्रोल बर देते हो।
19:30येस
19:36मिल गया आइडिया
19:38आपना बड़े दयालू हूँ
19:41जैसे मेरा दिमाग फेल होने लगता है
19:44आप जट से इसमें पेट्रोल बर देते हो
19:46ऐसी आशिराद बनाए रखना
19:49अब तक तो आपने मुझे हाँ पोचा है
19:56आगे की मुझल भी आप ही तै करोगे
19:58जै हो भोले नाथ
20:00ये दोनों तीखी मिल्चे तो कभी मेरी मनद में करें
20:18इस्पेशलिए वो मासी सा वो तो टेपिकल सासे सास बहु सीविल्स वाली
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