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  • 7 months ago
बाड़मेर। डॉक्टर बनने का सपना कई छात्र देखते है। अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए छात्र दिनरात मेहनत करते है। बड़े-बड़े नामी कोचिंगों में जाकर पढ़ाई करते है। सरकारी में नम्बर नहीं आए तो निजी राह चुनते है। लेकिन शहर के फिफ्टी विलेजर्स संस्था प्रतिवर्ष 50 ऐसे छात्रों का चयन करती है जिनकी पारिवारिक स्थित ठीक नहीं हो या यह कहे की वो आर्थिक तंगी के चलते चिकित्सक का सपना बीच में ही छोड चुके हो। इनका चयन आर्थिक स्थित के साथ एक परीक्षा में चयनित होने पर किया जाता है। संस्था संचालक डॉ. भरत सारण ने अब तक 14 सालों में 125 से अधिक बच्चों का चयन चिकित्सक बनने के लिए करा चुके है। नीट परिणाम 2025 में चयनित छात्रों में किसी के पिता शादियों में बर्तन साफ करने का काम करते है, किसी के पिता ईटों की फैक्टी में काम करते है। तो किसी के माता पिता लम्बी बीमारी से ग्रसित है। ऐसे ही होनहार छात्र फिफ्टी विलेजर्स संस्था में मेहनत कर अपने सपना को पूरा किया। इन छात्रों से बात करने पर इन्होंने बताए घर के हालात व परिस्थिति...

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