01:33consumption expenditure यानि MPCE यानि मासिक खर्च करने की शम्ता बढ़ती है वैसे वैसे उसकी थाली में पोशण भी बढ़ता है यानि आर्थिक
01:44स्थिती और पोशण का सीधा संबंध है रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि गाउं के लोग शहरियों से ज्यादा बाहर खाते हैं इस तरह राजिस्थान में ग्रामेर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खाने पर खर्च करते हैं
01:58माने में परदान मंत्री के 11 साल के साशन में 25 क्रोड अबाजी गड़ी रेखा से बाहर आई है तो जो दुनिया में जो चीजों का उपयोग हो रहा है भारत के शहरों में जो पयोग हो रहा है वो भी गाउं कमों तक पहुंची है
02:14और साथ में जो आंगरबाडी केंदर पर जो पॉश्चन कर विशेश किट्स जो भी जाई जा रही है उसका भी बहुत बड़ा योगदान इसमेर है मेल का योगदान रहा है और परदान मंत्री गृबन कल्यान योजना है ऐसी योजना है जो गाउं में पॉंची है जिससे �
02:44रिपोर्ट बताती है कि राजस्थान के लोग आज भी पारंपरिक भोजन पर निर्भर है खास कर अनाज और दूद पर गाउं के लोग शहरी लोगों से ज्यादा खा रहे हैं और प्रोटीन भी ज्यादा ले रहे हैं शहरी शेत्रों में कैलोरी की खपत थोड़ी कम है लेक
03:14जैपूर से एटीवी भारत के लिए अश्विनी पारिक की रिपोर्ट
Be the first to comment