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Sadanandan Master पर CPM का वो खौफनाक हमला, जब सड़क पर काट दिए थे दोनों पैर! जानिए कैसे कटे पैरों के सहारे वो राज्यसभा तक पहुंचे और क्यों PM Modi उनके संघर्ष के कायल हैं।
यह कहानी है सी सदानंदन मास्टर की, जिनकी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस के आगे क्रूरता ने भी घुटने टेक दिए। हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए सदानंदन मास्टर की कहानी 1994 के एक काले दिन से शुरू होती है। केरल के कन्नूर में, जब वे मात्र 30 साल के थे, तब CPM कार्यकर्ताओं द्वारा उन पर एक बर्बर हमला किया गया, जिसमें उनकी दोनों टांगें काट दी गईं। यह हमला उनकी विचारधारा में बदलाव का नतीजा था। आर्टिफिशियल पैरों के सहारे वे फिर से खड़े हुए और पहले से भी अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य और सामाजिक सेवा में जुट गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर उनके संघर्ष और जुझारूपन की तारीफ कर चुके हैं।
About the Story:
This video tells the inspiring and harrowing story of Sadanandan Master, a BJP leader from Kerala, who has been nominated to the Rajya Sabha. We delve into the brutal 1994 attack on him, allegedly by CPM workers, where both his legs were severed due to his ideological shift from Communism to RSS. Discover his journey of resilience, his connection with PM Narendra Modi, and the political landscape of Kerala's Kannur district. This is a story of survival against political violence.

#SadanandanMaster #BJPvsCPM #KeralaPolitics #OneindiaHindi

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Transcript
00:00मैं आज आपके सामने सिमान सदानची मास्टर को प´लेज करना चाहता हूँ
00:05मैं जैस स्वास्व को कहना चाहता हूँ
00:08यह सदानची मास्टर उनका कोई कुणा नहीं था
00:11वह भारत माता की जय बोलते थे
00:14और जब उन्होंने अपने विचारों के अनुसार काम करना शुरू किया, तो इन कॉम्मिनिस पार्टी ने उनके दोनों पैर काट दिये, आज वो आर्टिपिशल पैर लगा करके, आज भी हिम्मत के साथ सेवा भाव से देखेरल की जंता की सेवा कर रहे हैं
00:37साल था 1994, सदा नंदन मास्टर तब सिर्फ 30 साल के थे, उनके साथ उस वक्त बरबरता की सारी हदे पार हो गई जब CPM के कार्यकरताओं ने उन्हें सरे आम घेर लिया और उन पर हमला कर दिया, वो हमला इतना भयानक था कि उनकी दोनों टांगे तक काट दिग गई, नमश्कार
01:07सदा नंदन मास्टर उन चार विशेश गणमानियों में से एक हैं, जिन्हें राश्ट्रपती द्रौपती मुर्बु ने राजसभा का सदस्य मानोनित किया है, नॉमिनेशन के बाद एक बर फिर प्रधानमंद्री मोधी ने उनके जुझारूपन, संगर्ष और जीने की चा
01:37जिन्हें लोग प्यार से मास्टर या माशाय कहते हैं, उनका जीवन कभी माक्सवादी विचारधारा की शाया में पला बड़ा था, उनका परिवार CPI M के से गहराई से जुड़ा हुआ था, एक दिन मल्यालम के महान कभी अकित्तम की रचनाओं ने उनके भीतर एक नई चे
02:07भी साबित हुआ, साल था 1994 का, सदानंदन मास्टर तब सिर्फ 30 साल के थे और एक स्कूल में पढ़ाते थे, उनकी यह नई वैचारिक राह उनके पुराने साथियों को रास नहीं आई, आरोप लगाया जाता है कि CPM के कार्यकरताओं ने उन्हें सरयाम घेर लिया और उन पर
02:37उन्हें फिर से जोडना असंभव हो जाए, उनका मकसद शायद उन्हें हमेशा के लिए खामोश कर देना था, उन्हें दर्द और लाचारी के दलदल में धकेल देना था, लेकिन सदानंदन मास्टर तूटे नहीं, यह कहानी सिर्फ हिंसा की नहीं, बल्कि उससे भी बड़
03:07पहले से कहीं जादा सक्रिया हो गए, जिसको नूर जिले को CPM का गढ़ माना जाता था, जहां उनके हमलावरों का दबदबा था, वहीं वो निडर होकर खड़े रहे, उन्हें हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज बुलन की शांती और संभात के साथ अपनी राह बनाते चले ग
03:37जी मास्टर से आपका परिचय कराना चाहता हूं, इनका कोई गुनाह नहीं था, वे भारत माता की जय बोलते थे, वे देश के गरीबों के लिए अच्छे रास्ते पर चलना चाहते थे, जब उन्होंने अपने विचारों के अनुसार अच्छे काम करना चाहा, तो इनके दो
04:07आपा में आए सदानंदन मास्टर का परिचय दिया था,
04:37वे भारत माता की जय बोलते थे, उनका ये की गुना था, वे देश के गरीबों के लिए अच्छे रास्ते पर चलना चाहते थे, और जब उन्होंने अपने विचारों के अनुसार काम करना शुरू किया, तो इन कॉमिनिस पार्टी ने उनके दोनों पैर काट दिये, दोनों
05:07वे गोलते थे, वे केरल की जंता की सेवा कर रहे हैं, जो लोग दिन रात हम पर आरोप लगाते हैं, मैं उन लोगों को पूछना चाहता हूँ, दिली में आंखे बंद कर करके जो बैटे हैं, क्या गुना था, सदानन मास्टर जी का, जिनके पैर काट दिये गए क्योंकि breeding अ
05:37गी उनकी 31 साल के इस संघर्ष की सारवजनिक स्विकृति है
05:41सदा नंदन मास्टर की कहानी उन सभी के लिए एक संदेश है
05:45जो मानते हैं कि अन्याय के सामने कभी जुकना नहीं चाहिए
05:49इस खबर में फिलाल के लिए बस इतना ही ऐसी और खबरों के लिए
05:52बने रहे वान इंडिया हिंदी के साथ धन्याबाद
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