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  • 4 months ago
मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के ऑफिस में असिस्टेंट जनरल मैनेजर सतीश कुमार डोंगरे चटाई बिछाकर करते हैं काम.

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00:00मद्धि प्रदेश के गॉालियर में मद्धि प्रदेश भवन विकास निगम के दफ्तर में कभी जाना हो और वहां जमीन पर बैठे काम करते एक अधिकारी दिखे तो चौकिएगा नहीं
00:10क्योंकि ये अधिकारी यहां पदस्त सहाइक महाप्रबंदक हैं इनका नाम तो शतीज कुमार डॉंग्रे है लेकिन इनके अधिकारीों नहीं इनके हाल बेहाल कर रखी हैं
00:19यह सरकारी अफसर अपने ही दफतर में अन्य अधिकारीों से सफर जमीन पर बैठ कर काम करते हैं लेकिन ये कोई शौक नहीं है बलकि ये उनके साथ हो रहे भेदभाव की मिसाल है
00:29सतीज कुमार डॉंग्रे भी अपने वरिस्टों के इस विवहार से दुखी हैं
00:34असल में जब ETV भारत गौलियर के गोविंदपुरी इलाके में इस्थित मध्य प्रदेश भवन विकास निगम के दफतर में पहुंचा तो पता चला कि यह ओफिस किराय के भवन में संचालित है
00:42लेकिन चौकाने वाली बात तब सामने आई जब इस दफतर में पदस्त सहायक महापरवंदख अपने कैबिन की जगह ऑफिस की जमीन पर चटाई बिचाय फाइलों का काम निप्टाते देखे
00:52और जब उनसे इसके पीछे का कारण पूछा तो जवाब बेहद हैरान करने वाला था
00:57भवन विकास निगम के सहायक महापरवंदख सतीश कुमार डॉंगरे का कहना था कि 2023 में उनकी पदस्थापना बाला घाट जिले में थी
01:06लेकिन उनके उच्च अधिकारियों ने शडएंत्र के तहट जूटा परकरण बना कर उन्हें पद से हटवाया
01:11जब उन्होंने नियायले की शरन ली तो जीत हांसिल हुई और इसके बाद नाखुश वरिष्ट अधिकारियों ने उन्हें 800 किलोमेटर तूर गॉालियर में तबादला कर भिजवा दिया
01:19इतना ही नहीं उन्होंने परेशान करने या उनके मन में जो जातिगत भेदभाव है उसके चलते यहां भी ठीक से काम करने नहीं दे रहे हैं
01:28सहाइक महापरबंदक डॉंगरे का कहना है कि इस दफ्तर में आये लगबग डेड़ साल हो चुका है
01:33यहां तीन अधिकारियों को पद के अनरूप टेबल कुरसी की पातरता है दो को यह सुवदा उपलब्ध भी कराई गई है लेकिन आज तक उन्हें पद के अनरूप पातरता के हिसाब से बैठने के लिए न तो एक्जिक्यूटिव कुरसी दी गई और ना ही एक्जिक्यू�
02:03प्रमसूचित जाती वर्ग से आते हैं लेकिन उनके पास बैठने के लिए कुछ भी नहीं है वे चटाई पर बैठकर अपने आफिस का काम और फाइलें निप्टाते हैं हालांकि डॉंगरे का कहना है कि उप महापरबंदक के द्वारा कई बार कुरसी टेबल की डिमान्ड �
02:33इने के बाद भी भोपाल से मानव संसादन विभाग द्वारा उसे पूरा नहीं किया जा रहा है ऐसे में उन्हें लगता है कि या तो वहां बैठे अधिकारी उनके परतीजाते का भेदभाव रखते हैं या पूर्व से किसी बात को लेकर कुंठित हैं इन हालातों में एक म
03:03प्रभंद के पर यहां पदस्त हूँ और इसके पहले मैं संभाग के अंतरगत में मेरी पदूस्ता अपना थी और 2023 में इन्होंने कूट्रचित साजित से दुरभावना पुड़ों एक भूटा फ्रक्रण मना के मुझे मेरे पत्त्ते हटा दिया था उसके बाद मैं न्याला
03:33अधि उन्हें मुझे परिशान करना था या जाती घरभाव है उनके अंतरगत तो कि मैं उसके जाती वर्ग से आता हूँ तब से लेके आज 16 माईने 18 माईने के असपास हो गया है इन लोगों ने मुझे मुझे बैठने के लिए जो मेरे पद्द कर लूप मुझे पात्रता �
04:03इसके बाद भी यहां से उत्मा प्रबंदक द्वारा बार बार बार डिमांड भेजी गई कि बैठने की ववस्ता जैसे हम यहां आथ अधिकारी करमचारी है लेकिन कुल चार टेबल कुरसी है सभी लोग तो कहीना कई बैठ जाते हैं लेकिन मुझे से मुझे सार उप्रेक्
04:33पुनी के द्वारा बैठक बैवस्ता कुर्सी टेबल की सप्लाई की जाती है बोपाल से ऐसा क्या कारण है कि हमारी कुर्सी हमें अभी तक परदान नहीं की गई या तो यह जात्रीगत दुर्भावना का विशा है या इनके अंतरकत मेरे प्रतिकोई पुर्वागरा से द्�
05:03या इसा कहा गया है अधी कांस तहा मैं बैठा मिलता हूं या कभी ली अपरेटर के साथ मिल जाता हूँ तो वहां बात हो जाती ही मैं तो वह खढ़े रहते हैं मैं बैठा रहता हूँ
05:31
05:59इस मामले पर मद्ध प्रदेश भवन विकास निगम गौालियर के अतरिक्त महापरबंदक अच्छे लाल एहरवार से भी बात की गई तो उनका कहना था कि कुरसी टेबल के लिए भूपाल डिमांड भेज दी है जब इसके लिए फंड आएगा तब ही तो फरनीचर उपलब्�
06:29करोड रुपे सेंक्षन कर दिये जाते हैं वहां 18 महीने से एक अधिकारी की कुरसी टेबल के लिए फंड नहीं है
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