00:00HATHY OR CHINTI
00:30HATHY OR CHINTI
01:00तोते ने हाथी को सजदा नहीं किया
01:02घुस्से में हाथी ने पूरा दरख्त हिला दिया और उसे उखाड भेंगा
01:06अब वो दोता उस दरख्त पर बैठ नहीं सकता था
01:09वो उड़ गया
01:11जा उड़ जाओ
01:16देखा तुमने मैं क्या कर सकता हूँ
01:19मेरे सामने तुम सब कमजोर हो
01:22घमंडी हाथी फिर वहाँ से चला गया
01:27हमेशा की तरह वो दर्या पर गया पानी पीने को
01:31बस उस दर्या के किनारे पर चींटी रहती थी
01:34एक छोटी सी चींटीयों के बिल में
01:37हर रोज चींटी अपना खाना इकठा करती
01:40और हर रोज हाथी उसे परेशान करता
01:44आज का दिन जुदा नहीं था
01:47जब हाथी पानी पी रहा था
01:50तब उसने चींटी को देखा
01:52सुनो चींटी, तुम कहा ले जा रही हो ये खाना?
01:57मुझे ये वापस अपने घर ले जाना है
01:59चल्दी ये बारश शुरू हो जाएगी
02:01मुझे तयार रहना होगा और खाना जमा करना होगा
02:03हाथी ने फिर अपनी बड़ी सून में बहुत सा पानी जमा किया
02:11और चींटी पर छिड़क दिया
02:13पानी ने उसका खाना बर्बाद कर दिया
02:16और अब वो चींटी पूरी तरह भीग गई थी
02:18हसलो, जितना चाहे हसलो
02:25एक दिन में तुमें सबक सिखा कर ही रहूँगी
02:28ओ, मैं तो डर गया
02:30तू मुझे सबक सिखाएगी
02:32चोटी सी चीटी
02:34मैं तो तुम्हें अपने पेरों तले कुचल दूँगा
02:37दफा हो जाओ यहां से
02:39चीन्टी को हाथी और उसके घमंड पर बहुत गुसा आया
02:43उसने कसम खाई कि वो जल्दी ही उसे सबक सिखाएगी
02:48मुझे इस हाथी का कुछ करना होगा
02:51वो इस तरह सबको परिशान नहीं कर सकता
02:53अगले दिन जैसे ही चीन्टी बाहर निकली और खाना इकठा करने लगी
02:59उसने देखा कि हाथी सो रहा था
03:02उसे फौरन ही एक तजबीज सूजी
03:05वो खामूशी से उसके नस्दी गई और उसकी सूंड में घुस गई
03:09एक बार अंदर आ जाने पर वो उसे काटने लगी
03:13वो हाथी को काटती रही जब तक कि वो जाग नहीं गया
03:16और वो दर्द में चिल्लाने लगा
03:18कौन है? मेरी सून में कौन है?
03:23बाहर निकलो, मुझे बहुत तक्रीफ हो रही है
03:26चींटी ने उसका चिल्लाना सुना
03:30फिर भी वो काटती रही
03:32बाहर नहीं आई
03:34अब हाथी को बहुत दर्द हो रहा था
03:36वो रोने लगा
03:38महरबानी करके मेरी मदद करो
03:43महरबानी करो
03:46कौन है वहाँ? बाहर निकलो
03:49चींटी ने हाथी का रोना सुना
03:53और उसकी सून से बाहर आ गई
03:55हाथी वस अधना चींटी को देखकर सक्ते में आ गया
03:59वो इतना खौफ सदा था
04:01कि चींटी कहीं उसे फिर न काटे
04:03इसलिए उसने खुटने टेके
04:05और वो माफी मागने लगा
04:06मैं फिर कभी तुम्हें परशान नहीं करूंगा
04:09हाथी अपनी गलती समझ गया
04:13वो वहाँ से चला गया
04:15उस दिन के बाद
04:16उसने फिर कभी किसी को नहीं सताया
04:20अब तुम समझी
04:22कोई भी बड़ाया चोटा नहीं होता
04:25सब काबिल होता है
04:26अपने उनर पर गमण मत करो
04:28उसका इस्तमाल दूसरों के खिद्मत के लिए करो
04:30तो बच्चों
04:32हमने क्या सीखा
04:33कोई भी बड़ाया चोटा नहीं होता
04:36हम सब काबिल हैं
04:39और हम सब के अपने अपने हुनर हैं
04:41हमेशा ये याद रखो
04:42कि चीटी की तरह चोटा भी
04:44हाथी को सबक सिखा सकता है
04:46हाँ परी हम समझ गए
04:48मैंने तुमें कई बार देखा है
04:51तुम चिंटी को बेहत सताते हो
04:53क्योंकि वो पानी से डरता है
04:55मुझे माफ कर दो
04:57हम कभी भी उसे परिशान नहीं करेंगे
05:01असल में हम सब उसकी मदद करेंगे
05:03ताकि वो अपने खौब का मुकाबला कर सके
05:06बहुत अच्छे
05:07मुझे तुम सब पर बहुत नाज है