दुर्ग, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की प्रतिभा ने पढ़ाई के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी छाप छोड़ी है। दुर्ग के हनोदा मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह का चयन इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। गणित जैसे मुश्किल सब्जेक्ट को बच्चों के लिए सरल और रोचक बनाने की उनकी अनूठी शिक्षण पद्धति ने उन्हें यह गौरव दिलाया है। प्रदेश से सामान्य वर्ग में इस बार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाली वह एकमात्र शिक्षिका हैं।
00:00दुर्ग जिले की प्रतिभाने पढ़ाई के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी छाप छोड़ी है।
00:30बच्चों के लिए आसान और रोचक बनाने की उनकी अनूठी शिक्षण पध्यती ने उन्हें यह गौरव दिलाया है।
00:37प्रदेश से सामान्य वर्ग में इस बार राष्ट्रिय शिक्षण पुरुस्कार हासिल करने वाली वो एक मात्र शिक्षिका है।
01:00पॉर्म भरना होता है और जब मुझे इसकी सूचना मिली तो बहुत ही ज़्यादा खुश हूँ मैं और इसके लिए मैं विगत सात वर्सों से प्रयास रती तो ये सातवे प्रयास में मुझे सफलता मिली है।
01:12दोक्तर प्रग्या सिंग के चाइन की खबर मिलते ही हनोदा मिडल स्कूल में जश्न का माहौल बन गया।
01:36स्कूल के प्रिंसिपल परमानंद देवांगन ने कहा कि डॉक्तर प्रग्या मेडम ने स्कूल और गाउं का नाम रोशन किया है।
01:43सबस्कूल के बच्चों ने भी अपनी टीचर पर गर्व जताते हुए कहां।
02:12कि मेडम हमें खेल-खेल में गणित सिखाती हैं जिससे हमें कोई दिक्कत नहीं होती है।
02:17मेडम हमें बहुत अच्छा पढ़ाती हैं वो बड़े-बड़े सवालों को भी ऐसे हल कराती हैं कि हमें एक बार में समझा जाता है।
02:23और हमें बहुत अच्छा लगता है कि हमारी मैम इस लेवल के कहुंची।
02:27बहुत आसान हो गया। पहले हम लोग गनी थल नहीं कर पाते थे आसानी से।
02:31पर अब हमारी मैम के वाज़े से हम लोग बहुत अच्छे से गनी थल पाते हैं और गनी हमारे बहुत स्क्राम हो।
02:37डॉक्टर प्रज्या सिंग ने अब तक 500 से जादा टीचिंग लर्निंग मैटेरियल तैयार किये।
02:43उन्होंने खुद के खर्चे से स्कूल का जीरनो धार कराया ताके बच्चों को पढ़ाई में आसानी हो सके।
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