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00:00आप लोग भी कुछ पैसे लगाईए गर में जो भी आप लोगों की सेविंग्स हैं
00:18वो आप लोग लाईए जो कुछ बचा कुछा होगा मैं लगा दूँगा कर्स के तौर पे
00:30कोशिश करती हूँ खुद को अतना मस्रूफ रखूं कि अपना आप भी नायात रहे हैं
00:38अपन्द कर दो ये ड्रामे जो कुछ चाहिए था मिल तो क्या है ये लाइक ही नहीं कि रही हूँ ने शादी नहीं कि उससे और आप बाबा को बता दें मैंने उने कोई दोका नहीं किया उनके साथ मैंने
00:56तुमने उनके साथ दोका नहीं किया उनको जूटा आस्रा देकर उनका साथ देने का दोका नहीं होता ये
01:06मामूरी से मुलासबा है अपने शोहर के साथ का जोड़ रही हो तुमसे हम शेर को बिवफू बनाने में काम्याब हो ही गए
01:16जो हाथ बढ़ाए खड़ा है उस हाथ को तावो खुलना एलान होगा ना बगावत काका साथ
01:22काका साथ
01:25इस दुनिया में एक ही काम बहुत जादा इमानदरी से किया जाता है
01:34बाइमानी का काम
01:37वाजर बेटा, बाप बहुत मजबूत होता है
01:46बड़े से बड़े तूफान से टकरा जाता है लेकिन हिलता नहीं
01:51मगर जब तूटता है न तो इस कदर विखर जाता है
01:55सद्यां भी कम पढ़ जाती है उसे समेटने में
01:57बस तुम्हारे बाप आ रहे है
02:07बस तुम्हारे बाप जाता है
02:37बस तुम्हारे बाप जाता है
03:07कि अज़तों मेरे जीते जी अपने भाइयों से बतीजों से गड़ जोड़ हो जाए
03:25समीर ये वली एद हमारा तो इसे बना कर रख़़ जार रिश्टे होंगे
03:35तो आँसके बात करेगा तो दिल भरा रहेगा ना वरना कली यह में की उक्ता जाएंगी पकेले बंतों
03:43इतना जलने कुड़ने से तो बेहतर था कि अपनी जिन्दगी के बारे में कुछ सोचती है
03:52अपना घर अपनी उलाद अपना शोहर आज सब कुछ होता आपके पास
04:00तुम से मिले को करता है यह बेचा नहीं बेटा भी मेरी समझ से बाहर है
04:09अब तुम्हारे बारे में सोचता हूँ तुम दिल की धड़काने तेस हो जाती है
04:14मुझे साफ साफ सुना ही देती है
04:17तुम्हें तो इस बात की भी ख़बर नहीं कि मैं तुम्हारे लिए कितना बेकरार
04:39मैं सब तो दिल की यही असरत है दूआ
04:41कि तुम से मिल के तुम्हे अपना बनाना है
04:44तुम्हें तुम्हें इनी फीलिंग्स कभी पता नहीं होगा
04:50अगर वो कहते हैं न
04:54कि अगर नियत सची हो तो मकसद हासिल होई जाता है
04:58मैं तुम्हारे इंतिसार करूंगा
05:05हेलो वीवर्ज एमन सरगोदा के एक चोटे से शेहर से तालुक रिकने वाली
05:12नहायत बावकार तालीम यपता और हसास लड़की
05:16जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी
05:19वो खिताबों खामोशी और खौबों की दुन्हें में रहने वाली लड़की थी
05:23जिसे अपने जाद पर वखर तो था मगर दिकाने के शवक नहीं
05:27वो रोज यूनिस्टी आती अपना काम करती और तरहा वापस लोड़ जाती
05:32जब तक के उसके मुलाकात अजलान से नहीं हुई जो एक शौख मगर समझतार ललका था
05:39अमीर गराने से तालुक रखने वाला मगर अपने नाम और दोलत पर महरूर बिलकुल नहीं
05:44अप्तिदा में इनके दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ
05:48फिर लाइबरिरी में सलाम पिर चोटे चोटे चोटे जूमले जो हिस्ते हिस्ता दिल के बादों में बदलने लगे
05:54अजलान को एमन की साथगी शरम और आंकों में चुपी दर्द ने कुछ ऐसा जुकला कि वो दिल दे बेटा
06:00एमन ने भी पहली बार अपने दिल को किसी के लिए दड़कते महसूस किया
06:07मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था गुर्बत मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोड़कर मेहनत मजदूरी कर रहा था
06:14अजलान ने जब मौबत के जाहर किया तो एमन ने हसते हुए कहा
06:17मेरे जिसे लोग से दौ़ाओं में याद रखे जाते हैं
06:20खौबों में नहीं बसाय जाते
06:23मगर अजलान ने हार नामा नहीं अपने वालदीन को इसे मिलवा लिया
06:27लेकिन जाव में सिरफ, तंस, तजलील और साप इंकार मिला
06:31अजलान की वालदे ने का अगर तुम ने उसे शादी की तो हमारे ले तुम मर गए
06:36अजलान जो मा का लाला और बाप का पखर था अंदर से तूट गया
06:42मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा
06:45एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी तो खुद पीचे हड़ की
06:49उसने युनिवरस्टी चोल दी, पून बंड कर दिया और वापस सरगोदा चली की
06:53दो साल गुजर गए, अजलान ने बहुत तलाश किया, मगर उसका पता न मिला
06:59पिर एक दिन एक खेराती हस्पिताल में, जब अपनी कमपनी की तरफ उसे इमदाद देने गया, उसने एमन को देगा
07:06सुपित कोड में मरीजों का इलाज किरती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का इलाज करवा चुकी थी
07:15और अब दुस्तों के खिद्मत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामे नहीं केरदार में होती है
07:23इस बर अजलान के वालदीन ने खुद रिष्टा मांगा और यूए एक साधी सी लड़की जो फ़ाबों से डिर्टी थी, एक ऐसी महबत पागी जो वक्त, जात और हैसियत से बुलन थी
07:35ड्राम वसील के हवाले से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे एक टूफ का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तैंक्स फर वाचिंग, अलाहाफिज
07:44हलो वीवर्ज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शेह से तालिव करकने वाली, नहायत बावकार, तालीमी अपता और हसास लड़की, जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो विताबों, खामोशी और खौबों की दुने में रहने वाली लड़की थी, जिसे अ
08:14हुई जो एक शौख मगर समझतार लड़का था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला, मगर अपने नाम और दोलत पर मगरूर बिल्कुल नहीं, अब्तिदा में के दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, पिर लाइबरीरी में सलाम, पिर चोटे चोटे चोट
08:44ने महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोड़कर मेहनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब मौबत के जार किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग सिर्फ दौाव में याद रखे �
09:14गए, अजलान जो मा का लाला और बाब का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी, तो खुद पीचे हड़की, उसने यूनिवरस्टी चोड़ दी, पौन बंद कर दिया, और वापस सर्गोदा
09:44देगा, सुपीध कोड में मरीजों का लाज करती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का लाज करवा चुकी थी, अब दुस्तों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामे नहीं केरदार में होती है, इस �
10:14आज से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे एटिव का चेनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तेंक्स पर वाचिंग, आला हाफ़िज, थैंक्स वर वाचिंग, आला हाफ़िज.
10:21हलो वीवर्ज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शेह से तालिव करकने वाली, नहायत बावकार तालीम यपता और हसास लड़की, जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो खिताबों, खामोशी और खौबों की दुने में रहने वाली लड़की थी, जिसे अप
10:51हुई जो एक शौख मगर समझतार लड़का था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला, मगर अपने नाम और दोलत पर महरूर बिलकुल नहीं, इप्तिदा में इनके दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, पिर लाइबरिरी में सलाम, पिर चोटे चोटे चो�
11:21ने महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोड़कर महनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब महबत के जार किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग से दौाओं में याद रखे जाते ह
11:51गए, अजलान जो मा का लाला और बाब का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी, तो खुद पीचे हड़की, उसने यूनिवरस्टी चोड़ दी, पौन बंद कर दिया, और वापस सर्गोदा
12:21देखा, सुपीध कोड में मरीजों का लाज किरती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का लाज करवा चुकी थी, अब दूसरों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए के इज़त नामें नहीं केरदार में होती है, इस
12:51अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे हैटिव का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तैंक्स पर वाचिंग, अलाह आफ़ेज, हलो वीवर्ज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शेहर से तालुक रिकने वाली, नहायत बावकार, तालीम यपता और हसा
13:21विस्टी आती, अपना काम करती और तरहा वापस लोट जाती, जब तक के उसके मुलाकात अजलान से नहीं हुई, जो एक शौख मगर समझतार ललका था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला, मगर अपने नाम और दोलत पर मगरूर बिल्कुल नहीं, इब्तिदामिन के द
13:51ऐसा जुकला के वो दिल दे बेटा, एमन ने भी पहली बार अपने दिल को किसी के लिए दड़कते महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोल कर मेहनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब मौबत
14:21तजलील और साप इंकार मिला, अजलान की वालदे ने का अगर तुम ने उससे शादी की तो हमारे लिए तुम मर गए, अजलान जो मा का लाला और बाब का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी दे�
14:51पर एक दिन एक खेराती हस्पिताल में, जब अपनी कंपनी की तरफ उसे इमदाद देने गया, उसने एमन को देगा, सुपीद कोड में मरीजों का इलाज करती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का इलाज करवा चुकी थी, अब दूस्तों की खिदमत
15:21जड़ती थी, एक ऐसी महबत पागी जो वक्त, जात और हैसियत से बुलन थी, ड्राम वसील के हवाले से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे हैट्व का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तेंक्स फर वाचिंग, लाहाफ़िज, थेंक्स पर वा�
15:51वाशी और खौबो की दुन्ये में रहने वाले ललकी थी, जिसे अपने जात पर वखर तो था, मगर दिखाने के शवक नहीं, वो रोज यूनिस्टी आती, अपना काम करती और तरहा वापस लोट जाती, जब तक के उसके मुलाकात आजलान से नहीं हुई, जो एक शौख म�
16:21जो हिस्ता हिस्ता दिल के बादों में बदलने लें, अजलान को एमन की इस्तादगी, शरम और आँकों में चुपी दर्द ने कुछ ऐसा जुकला के वो दिल दे बेटा, एमन ने भी पहली बार अपने दिल को किसी के लिए दड़कते महसूस किया, मगर उसके अंदर एक ख�
16:51जाबों में नहीं बसाये जाते, मगर अजलान ने हार ना मनी अपने वालदीन को इसे मिलवा लिया, लेकिन जाब में सिरफ तंस, तजलील और साप इंकार मिला, अजलान की वालदे ने का अगर तुम ने उससे शादी की, तो हमारे लिए तुम मर गए, अजलान जो मा का ला
17:21बन कर दिया और वापस सरगोदा चली की, दो साल गुजर गए, अजलान ने बहुत तलाश किया, मगर उसका पता ना मिला, पिर एक दिन एक खेराती हस्पिताल में, जब अपनी कंपनी की तरफ उसे इमदाद देने गया, उसने एमन को देगा, सुपीद कोड में मरीजों का
17:51कि इज़त नामें नहीं किरदार में होती है, इस बर असलान के वालदीन ने खुद रिश्टा मांगा, और यो एक साधी सी लड़की जो फ़ाबों से डिरती थी, एक ऐसी महबत पागी जो वक्त, जात और हैसियत से बुलन थी, ड्रॉम वसील के हवाले से अपने राय के जा
18:21तालीम यपता और हसास लड़की जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो खिताबों खामोशी और खौबों की दुने में रहने वाले लड़की थी, जिसे अपने जात पर वखर तो था, मगर दिकाने के शवक नहीं, वो रोज यूनिस्टी आती, अपना काम
18:51मगरूर बिल्कुल नहीं, अब्तिदा में के दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, फिर लाइबरिरी में सलाम, फिर चोटे चोटे जूटे जूमले, जो हरस्त हरस्ता दिल के बातों में बदलने लें, अजलान को एमन की साहथगी, शर्म और आंकों में चु�
19:21रहा था, अजलान ने जब मौबत के जार किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग सिर्फ दौाओं में याद रखे जाते हैं, खुआबों में नहीं बसाए जाते, मगर अजलान ने हार नामा नहीं, अपने वालदीन को इसे मिलवा लिया, लेकिन जवा में सिर्�
19:51मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी तो खुद पीचे हड़ की, उसने यूनिवरस्टी चोल दी, पौन बंड कर दिया और वापस सर्गोदा चली की, दो साल गुजर गए, अजलान ने बहुत तलाश किया, मगर उसका पता न मिला, पिर एक दि
20:21मा का इलाश करवा चुकी थी और अब दूस्तों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामे नहीं केरदार में होती है, इस बर अजलान के वालदीन ने खुद रिश्टा मांगा, और यो एक साधी सी लड़की जो खौबों से
20:51हलो वीवर्ज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शेह से तालिव करकने वाली नहायत बावकार तालीम यपता और हसास लड़की जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो खिताबों खामोशी और खौबों के दुने में रहने वाली लड़की थी, जिसे अपने �
21:21हुई जो एक शौख मगर समझतार लड़का था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला मगर अपने नाम और दोलत पर महरूर बिलकुल नहीं, अब्तिदा में इनके दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, पिर लाइबरीरी में सलाम, पिर चोटे चोटे चोट
21:51थे महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोड़कर महनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब मौबत के जार किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग से दौाओं में याद रखे जाते
22:21मर गए, अजलान जो मा का लाला और बाब का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी, तो खुद पीचे हड़की, उसने यूनिवरस्टी चोल दी, पौन बंड कर दिया, और वापस सर गोदा च
22:51को देखा, सुपीध कोड में मरीजों का लाज किरती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का लाज करवा चुकी थी, अब दूसरों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामे नहीं किरदार में होती है, इ
23:21के हवाले से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे येटिव का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तेंक्स पर वाचिंग, अल्हाफ़ाइज
23:29हलो वीवर्ज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शहे से तालिव करकने वाली, नहायत बावकार, तालीम यपता और हसास लड़की, जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो विताबों, खामोशी और खौबों की दुने में रहने वाली लड़की थी, जिसे अ�
23:59वी जो एक शौख मगर समझतार ललका था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला, मगर अपने नाम और दोलत पर मगरूर बिलकुल नहीं, अब्तिदा में के दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, पिर लाइबरी में सलाम, पिर चोटे चोटे चोटे जूमले
24:29महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक बाई जो पढ़ाई चोड़कर महनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब मौबत के जार किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग सिर्फ दौाओं में याद रखे जात
24:59गए, अजलान जो मा का लाडला और बाव का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी, तो खुद पीचे हड़की, उसने यूनिवरस्टी चोड़ दी, पौन बंद कर दिया, और वापस सरगोद
25:29सुपीद कोड में मरीजों का लाज करती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का लाज करवा चुकी थी, अब दूसरों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामे नहीं केरदार में होती है, इस बर अजला
25:59अजलाओं आज से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे एटोफ का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तैंक्स पर वाचिंग, अलाह आफ़ेज, अलाह आफ़ेज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शहेर से तालिव करकने वाली, नहायत बावकार, त
26:29अजिस्टी आती, अपना काम करती और तरहा वापस लोट जाती, जब तक के उसके मुलाकात अजलाओं से नहीं हुई, जो एक शौख मगर समझतार लड़का था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला, मगर अपने नाम और दोलत पर महरूर बिलकुल नहीं, अब्तिदा मे
26:59ऐसा जुकला के वो दिल दे बेटा, एमन ने भी पहली बार अपने दिल को किसी के लिए दड़कते महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोल कर महनत मजदूरी कर रहा था, अजलाओं ने जब मौब
27:29तजलील और साप इंकार मिला, अजलाओं की वालदे ने का अगर तुम ने उससे शादी की तो हमारे लिए तुम मर गए, अजलाओं जो मा का लाला और बाप का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलाओं के परेशा
27:59पर एक दिन एक खेराती हस्पिताल में, जब अपनी कमपनी की तरफ उसे इमदाद देने गया, उसने एमन को देगा, सुपीत कोड में मरीजों का इलाज करती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का इलाज करवा चुकी थी, अब दूस्तों के खित्मत क
28:29डिरती थी, एक ऐसी महबत पागी जो वक्त, जात और हैसियत से बुलन थी, ड्रॉम वसियल के हवाले से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे हैटूब का चीनल सबस्क्राइब करना मत बूलिए, तैंक्स पर वाचिंग, आलाह आफिज, हलो वीवर्स, �
28:59प्रिशी और खौबो की दुन्ये में रहने वाले ललकी ती, जिसे अपने जात पर वखर तो था, मगर दिखाने के शवक नहीं, वो रोज यूनिस्टी आती, अपना काम करती और तरहा वापस लोट जाती, जब तक के उसके मुलाकात अजलान से नहीं हुई, जो एक शौख
29:29जो हैस्ता हैस्ता दिल के बातों में बदलने लगें, अजलान को एमन की साहथगी, शरम और आँकों में चुपी दर्द ने कुछ ऐसा जुकला के वो दिल दे बेटा, एमन ने भी पहली बार अपने दिल को किसी के लिए दड़कते महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौ�
29:59जाबों में नहीं बसाये जाते, मगर अजलान ने हार नामा नहीं अपने वालदीन को इसे मिलवा लिया, लेकिन जाब में सिरफ तंस, तजलील और साफ इंकार मिला, अजलान की वालदेने का अगर तुम ने उससे शादी की तो हमारे लिए तुम मर गए, अजलान जो मा का �
30:29कर दिया और वापस सरगोदा चली की, दो साल गुजर गए, अजलान ने बहुत तलाश किया, मगर उसका पता ना मिला, पिर एक दिन एक खेराती हस्पताल में, जब एक अपनी कंपनी की तरफ उसे इमदाद देने गया, उसने एमन को देगा, सुपीद कोड में मरीजों का �
30:59के इज़त नामें नहीं केरदार में होती है, इस पर असलान के वालदीन ने खुद रिश्टा मांगा, और यो एक साधी सी लड़की जो फ़ाबों से डिरती थी, एक ऐसी महबत पागी जो वक्त, जात और हैसियत से बुलंती, ड्राम वसील के हवाले से अपने राए की जार
31:29तालीम यपता और हसास लड़की जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो खिताबों खामोशी और खौबों की दुने में रहने वाले लड़की थी, जिसे अपने जात पर वखर ता, मगर दिकाने के शवक नहीं, वो रोज यूनिस्टी आती, अपना काम करत
31:59खरूर बिलकुल नहीं, अब्तिदा में इनके दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, पिर लाइबरिरी में सलाम, पिर चोटे चोटे जूटे जूमले, जो हैस्ते हैस्ता दिल के बादों में बदलने लिए, अजलान को एमन की इस्तादगी, शरम और आंकों मे
32:29रहा था, अजलान ने जब मौबत के जाहर किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग से दौाओं में याद रखे जाते हैं, खुआबों में नहीं बसाये जाते, मगर अजलान नहार नामा नहीं, अपने वालदीन को इसे मिलवा लिया, लेकिन जवार में सिर्फ त
32:59मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी तो खुद पीचे हड़ की, उसने यूनिवरस्टी चोल दी, पौन बन कर दिया और वापस सिर्गोदा चली की, दो साल गुजर गए, अजलान ने बहुत तलाश किया, मगर उसका पता न मिला, पिर एक दिन
33:29मा का इलाश करवा चुकी थी और अब दूस्तों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामे नहीं केरदार में होती है, इस बर अजलान के वालदीन ने खुद रिश्टा मांगा, और यूए एक साधी सी लड़की जो खाबों
33:59हलो वीवर्ज, एमन सरगोदा के एक चोटे से शेह से तालिव करकने वाली नहायत बावकार तालीम यपता और हसास लड़की जो लाहूर में मास्टर की तालीम हासिल कर रही थी, वो खिताबों खामोशी और खौबों के दुने में रहने वाली लड़की थी, जिसे अपने �
34:29हुई जो एक शौख मगर समझतार लड़का था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला मगर अपने नाम और दोलत पर महरूर बिलकुल नहीं, अब्तिदा में के दर्में सिर्फ एक नोट बुक का तबादला हुआ, पिर लाइबरीरी में सलाम, पिर चोटे चोटे चोटे ज
34:59महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक बाई जो पढ़ाई चोड़कर महनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब मौबत के जार किया, तो एमन ने हसते हुए कहा, मेरे जिसे लोग सिर्फ दौाव में याद रखे जाते
35:29मर गए, अजलान जो मा का लाडला और बाब का पखर था, अंदर से तूट गया, मगर एमन के सामने मजबूत कड़ा रहा, एमन ने जब अजलान के परेशानी देखी, तो खुद पीचे हड़की, उसने यूनिवरस्टी चोड़ दी, पून बन कर दिया, और वापस सर्गो�
35:59को देखा, सुपीद कोड में मरीजों का लाज करती हुई, दो सालों में डाक्टर बन चुकी थी, अपने मा का लाज करवा चुकी थी, अब दूसरों के खिदमत कर रहे थी, अजलान ने सब के सामने कहा, मुझे आज समझाए कि इज़त नामें नहीं केरदार में होती है, इ
36:29के हवाले से अपने राए की जार लाजमी कमेंट करें, साथ में हमारे येटिव का चीनल सब्सक्राइब करना मत बूलिए, तेंक्स पर वाचिंग, अलाह आफ़िस, एमन सरगोदा के एक चोटे से शेह से तालिव करकने वाली, नहायत बावकार, तालीम यपता और हसास लड
36:59यूनिविस्टी आती, अपना काम करती और तरहा वापस लोड जाती, जब तक के उसके मुलाकात अजलान से नहीं हुई, जो एक शौख मगर समझतार लड़का था, अमीर गराने से तालुक रखने वाला, मगर अपने नाम और दोलत पर महरूर बिलकुल नहीं, इब्तिदा
37:29कुछ ऐसा जुकला के वो दिल दे बेटा, अमन ने भी पहली बार अपने दिल को किसी के लिए दड़कते महसूस किया, मगर उसके अंदर एक खौब चुपा था, गुर्बत, मा की बिमारी और एक वाई जो पढ़ाई चोल कर मेहनत मजदूरी कर रहा था, अजलान ने जब म
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