पंजाब के मोगा और फिरोजपुर जिले में बाढ़ का पानी कम हो गया है, लेकिन अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है. किसानों की हजारों एकड़ जमीन बर्बाद हो गई है, खेतों और बाकी जगहों पर जमा पानी बीमारी का खतरा पैदा कर रहा है. ऐसे में अलग-अलग संगठन बाढ़ प्रभावित गांवों में मदद के लिए आगे आए हैं. वो मेडिकल कैंप के जरिए जरूरतमंदों तक दवाइयां पहुंचा रहे हैं. इनमें समाज सेवा सोसाइटी भी शामिल है, जो पिछले 25 साल से प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों की मदद कर रही है.बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोग राहत कार्यों की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि तमाम संगठनों की मदद की वजह से उन्हें अपना जीवन फिर से पटरी पर लाना आसान होगा. आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो, पंजाब में लगभग दो लाख हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। इसके साथ ही अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है. पूरे पंजाब में 82 राहत शिविर चल रहे हैं, जहां करीब चार हजार लोग रह रहे हैं.
00:00पंजाब के बोगा और फिरोजबुर जिले में बाड का पानी कम हो गया है लेकिन अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है किसानों की हजारों एकर जमीन बरबाद हो गई है खेतों और बाकी जगों पर जमा पानी बिमारी का खत्रा पैदा कर रहा है ऐसे में अलग-
00:30जो पिछले 25 साल से प्राकृतिक आपदा के दोरान लोगों की मदद कर रही है
01:00बाड से प्रभावित गावों के लोग राहतकारियों की सराहना कर रहे हैं उनका कहना है कि तमाम संगठ्णों की मदद की वजह से उन्हें अपना जीवन फिर से पटरी पर लाना आसान होगा
01:30अधिकारिक आकड़ों की बात करें तो पंजाब में लगबग 2 लाख हेक्टेर क्रिशी भूमी बाड से प्रभावित हुई है
01:53इसके साथ ही अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है
01:57पूरे पंजाब में 82 राहत शिविट चल रही हैं जहां करीब 4000 लोग रह रही है
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