00:00की ओर रेकाना तो कहां चला गया था अभी कुछ खन पहले तू मेरे साथ ही था ना
00:28बोल
00:29मैं तो बस देख नहीं गया तक गोकुल में हुआ क्या है
00:36जानती है मैं दुष्टु ने सब कुछ जला दिया
00:48नश्ट कर दिया हमारे घरों को
00:51विद्वन्स हो गया है गोकुल का
00:55मैं आया है
01:01आझ मैं आया है
01:06आपल
01:08इन लूफ
01:11झाप बढ़
01:15मैं घरों का
01:17आप जाज जानती है
01:19आप जाती है
01:21आप इन जाती है
01:23नंदी जी अब कहा करेंगे कहां जाएंगे हमारा घर खेत खलिहान गोश आलाएं सब जलकर भस्म हो गई
01:48कंस महराज हवश्य है किन्तो इसका अर्थ ये कताब ही नहीं कि वो ये जगन्य अपराद करने के पहचाद छूट जाएगा
02:00इस समस्या का निवारन हवश्य होगा वश्य होगा बाबा यदि आप शमा करें तो मैं कुछ कहूँ
02:11आपके अनुमती के बना इस समस्या के निवारन के लिए मैंने पहले ही एक कदम उठा लिया हैं
02:18मैं इसलिए दाओ के साथ वापस नहीं लोटा था
02:21जब मुझे ग्यात हुआ कि कंस के सनिकमपर आक्रमन करने वाले हैं
02:27मैं आपके मित्र प्रिश्बान काका से जाके बैट की
02:33और आपके योर से मैंने उनिक पत्र दिया जिसके अनुसार आप चाहते हैं
02:39कि हम कुछ समय के लिए बरसाना में रहें
02:41क्या
02:42मैं जानता हूँ आप कुछ से क्रोधित हैं
02:44पर समझे अब इकुछ समय के लिए हमारा बरसाना में रहना ही उचित होगा
02:49मुख्या जी
02:54गोकुल के क्या समचार
02:56सूचना सत्य है मुख्या जी
02:58किया जी पूरे गोकुल को जलाकर भस्म कर दिया है किन्तु किसी के बचने के कोई संकित नहीं है
03:05आप बैठी है अभी
03:14राधा ठीक हो जाएगा सब मैंने कहा धाना कि मैंने देखा
03:27सब को चलते हुए देखा और ग्रिष्ण उसको प्राहत उसको प्राहत दाते देखा
03:38अरे तो रो क्यों रही है अच्छा ही हुआ कि वह माया भी मर गया बुरे की मृत्यों भी चाहना बुरा ही होता है विशाखा
03:47भले मैं उससे पसंद नहीं करती थी किन्तु मैंने कभी उसकी मृत्यों नहीं चाही
03:52ठीक तो कह रही है राधा वास्तव में माया भी ही था वो पहले राधा और अब तुम तुछ पेना कोई जादू कर दिया उसने जब से उसे मिली है न बुद्धी भ्रष्ट होगी है तेरी
04:22सुना तुम लोगोंने क्या सुना राधा उसकी बांसुरी के दुद्ध किसकी
04:43यर राधा को का राधा राधा राधा
05:13झर्चार सेखितो
05:43ओ कान्हा, ओ किष्णा, खो गई तुम न जाने कहा
06:13रादा, रादा, रादा, ये सब,
06:43पुरा गोकुल चल गया, सारे गोकुल वासी जीवित कैसे हैं?
06:52मेरा मित्र, उसका परिवार और उमके गहाँवाले सब शुरक्षे थे,
07:06क्या तूचल फुर्ण जाने का तूम वासी जीवित रादा उनक का ये तूम एमके बाता
07:18प्लादा।
07:21झाल झाल
07:51झाल झाल
08:21मुझे ही डूंड रही थी ना?
08:28मैं?
08:30मैं भला तुम्हें क्यों डूंडूंगी?
08:33मेरा सत्य जानने के लिए लाठी लेके खड़ी हो गई थी तुम?
08:48अपना सत्य भी बता दो
08:49मेरा?
08:52मेरा कोई सत्य नहीं है
08:54मैंने तुमसे कहा था
09:00सत्य को समझना कठन है
09:03और उसे स्वीकार करना
09:05उससे भी कठन
09:08अब बोल भी दो
09:15मेरे लिए चिंदा थी नहीं
09:18मैं?
09:24मैं भला किसी मायवी के चिंदा क्यों करने लगी?
09:28हा?
09:29पेटा क्रेशी
09:40ईश्वर की कितनी कृपा है कि
09:43हम सब सुरक्षित हो
09:45पता नहीं राधा को क्या हो गया था?
09:48भोर में कोई स्वप्न देखा तबसे रोए जा रही थी
09:54गोकुल को जला दिया
09:56क्रेश्न को मार डाला
09:58मार डाला
09:59अच्छा
10:01काकी
10:15मुझे एक बात बताई
10:18क्या कभी मैंने आपकी मटकी तोड़ी?
10:21नहीं तो
10:23तो क्या कभी मैंने आपका माखन चुरा है?
10:25नहीं का न?
10:27तो आपके पुत्री को मुझसे किस बात के शत्रुता है?
10:34अकारण मुझे पे क्रोध करना मुझे पसंद ना करना समझ में आता है
10:40मुझे जूटा माया भी कहना समझ में आता है
10:45पर अब तो यह सोती जाकते मेरी मृत्यू के सपने देख रही है काकी यह तो ठीक नहीं है न?
10:51कहीं, कहीं, कहीं इसके मान सिक्स्टी तो अब समझ रही है न में क्या कह रहे हूं
11:02én कहीं किसीनी इस पे माया तू नहीं कर भी
11:07देखी देखी अभी वी डिकैसे गूर के गुस्टे से देख रही है
11:13मिल्च डीक नहीं है
11:18मुझ पर माया की है किसीने
11:20मही है मही है देखे न अभी भी कैसे क्रोट से मुझे देख रही है
11:25मानो जैसे अब भी दंड है ने उतर आएग
11:29हाँ तो तेरे कारी ही ऐसे किसी को सताएगा और वो तुझे दंड भी न दे
11:35हाँ अब तो यशोदा काकी ने भी अनुमती देदी
11:38अब कौन बचाएगा तुम
11:41मेरे पां
12:05मेरे पां
12:09न थ강ाउड को सताएगा भी न थे न फग्दोन
12:12बच्रवा भी न देख रही है
12:18धिष्णिझझद भी द्म
12:22मेरे देख रही है
12:27अलत देख रही है
12:31रहाँ पां
12:32खरो खिख झान जो जाओ जीशने खिशने खिशने खिशने कि भीशने, खिशने, खिशने
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