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  • 4 months ago
वैसे तो हर मंदिर अपनी अलग मान्यताएं होती हैं. आज हम आपको ऐसे मंदिर लिए चलते हैं जहां नवरात्र पर महिलाएं नहीं जाती हैं. पढ़ें

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00:00ुबिहार के नालंदा मुख्याले बिहार शरीप से 15 किलोमीटर दूर गिरियक प्रकंड के घोरसावा गाउं में मा आशापूरी की मंदिर है
00:19परानेक धार्मिक मानेताओं के अनुसार नवरात्र के 9 दिनों तक महिलाओं का प्रवेश वर्जित रहता है
00:27मा आशापूरी का मंदिर है यहां बहुत लोग दूर दूर से आते हैं इनका नाम आशापूरी है
00:37कहना है कि यहां पर जू कोई अपना आशापूर्ण सच्चा दिल से मांगता है उसका सरधापूर्ण होता है
00:44में बताना चाहता हूं कि अब जो एक मंदिर बहुत पुरवजों से हैं हम लोग का बाबा पर बाबा के युगों से है मा एक बच्चा को गोद में लिये हुए प्रस्थान सेंपे सवार है तुरी का परवेश निशेद रहता है यहां यहां इस तुरी लोग ऊपर वर्जीत र
01:14GARV GRIH में PURUŞों का भी प्रवेश निशेद रहता है।
01:44दरसल यहां नौ दिनों तक विशेश तांत्रिक पुजा होती है जिस कारण यह निर्ने लिया जाता है ताकि पुजारियों का मोह भंग ना हो।
02:01पुरे नवरात्र तक मंदिर में सिर्फ तीन ही पुजारी प्रवेश करते हैं और सुबह शाम दो समय में 4-5 घंटे की पुजा होती है।
02:15इस पुजा के दोरान विशेश तंत्र मंत्र का जाब किया जाता है।
02:21नालंदा से एटिवी भारत के लिए महमूद आलम की रिपोर्ट।
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