00:00क्यों पवन राजकुमारी अपने चित्र से ज़्यादा सुन्दर है न और आप जितना हमने सुना था उससे कहीं ज़्यादा शौरे शाली
00:18तब तो शौरे और सुन्दरता का ये मेल सरवोतम है जब मुझे पता चला आप मनो रंजन के लिए अपनी सहीलियों के साथ गंद मादन परवत के लिए जा रही है तो मैं अनिहाल जाने वाला मार्क छोड़कर इस रापर चलाया
00:48लगता है आपको सुन्दर लड़क्यों की सुन्दरता बहुत आकरशित करती है
00:55मेरी सुमुकी निश्पाप है वो तन से नहीं बलकि मन से भी सुन्दर है और मुझे पूरा विश्वास है वो मुझसे बहुत बहुत प्यार करती है
01:18प्रेम की भाशा तो शब्द हीन होती है
01:43यह सत्य है कि मैं ही महमाया हूँ
01:47यह समस्त स्रिष्टी मेरा ही माया जाय है मनुष्य विदाता के सर्वोंत्तम निर्मिती है
01:57फिर भी मनुष्य मेरी महमाया के आधीन होता आया है मेरी महमाया के कई रंग हैं दंब क्रोध द्वेश मोह मत्सर हर एक का अपना
02:12मनुष्य इन में से किसी रंग में भी रंग जाता है तो फिर मेरी महमाया से बाहर नहीं आ पाता
02:24प्रेम मनुष्य जीवन का सबसे सुन्दर रंग है मां, किन्तो इन में से किसी भी एक रंग में फस कर, जब मनुष्य अपना कर्तव्य भूल जाता है, तो मेरी मुह माया के जान में फस जाता है, कदाचित इसलिए आप यूवराज सूरत को आपके पुराने मंदिर ले आई है
02:54प्रेम मंदिर आपके जाता है, तो मेरी मंदिर आपके जाता है
03:24मैं मंदिर की साफ सफाई करना चाहती है, राजकुमारी मैं अभी आपका हाथ बटाना चाहता हूँ
03:35कभी कभी महाशक्ति नव दुरगा नव रोपा, जीवन में जोती किरन बन के उतर आती है
03:54कहा हमें जाना है, क्या हमको करना है, दुर लब तम लब्श की दिशा भी दिखा जाती है
04:07हम हर किसी के दिल में रहते हैं
04:29हाँ हाँ आप जैसी प्यारी बच्चियां तो हर किसी के हिर्दे में रहेंगी
04:33यूराज पराइस्त्री को इस तरह से घुरना होने वाली पत्नी है
04:48हुई तो नहीं अब तक कदाचित महमाया उसकी परिक्षा ले रही होगी
04:54मादुर्गा के मंदिर में मादुर्गा का ध्यान न करके किसी सुन्दरी का ध्यान करना ठीक नहीं यूराज
05:02क्या आपको सुमु किसे प्रेम हुआ है
05:06को परन्तो प्रेम से कर्थव्य त्रेयस यूी प्राज प्रेम तो माय का रूप है
05:13अधा कि ये संसर्वनौ माया ऑभार हुआ है
05:18जूराज जो इस मोमाया से बहार आएगा वहीन अपने कर्थव करेदा करनेगा। नहीं तो मोमाय को
05:27अच्छा तुम बच्चियां तो ज्यानी जैसी बाते कर रही हो हम लोगों का अज्ञान दूर करती हैं
05:40हम नौ डेवियां हैं अभी अभी हाँ पर नौ बच्चिया थी
05:58तुमुकी
06:21हम अच्चियां लोगों तुमुकी
06:24व नौ तुमुकी
06:24तुमुकी
06:25तुमुकी
06:27मां दुर्गा का मंदिर बनाने का कर्तव्यत हम निभा नहीं सके
06:45मैं भी
06:49मैं भी मैं भी मैं भी आपकी ये दशा हम से जो कार्य नहीं हुआ वो हम तुम से होने की उम्मीद रखते हैं ताके हमें मुक्ति मिले युवराज सूरत नियती ने दुर्गा का मंदिर बनाने के लिए तुम्हें चुना है इसलिए तो नियती ही तुम्हें यहां खीच कर ला�
07:19मा दुर्गा का मंदिर बनाओ युवराज अपने कर्दब इसे विमख्वन युवराज सूरत
07:34सुमुकी सुमुकी तुम ठीक होना सुमुकी
07:49कि मा का मंदिर बनाने के लिए मुझे चुनाए और ये पवित्र काम शीगरी मुझे करना होगा
08:01इस उत्तरदाइत्व को निभाने में क्या आप मेरा साथ देंगी
08:05मैं सदीव आपकी साथ हुई उराज
08:12कुठी तेरी फ्रेम निशानी है
08:33के तेरे संग जनमों तक
08:38मुझे प्रीत निभानी है
08:50मुझे प्रीत निभानी है
08:56सर्व मंगल मंगले
09:12चरन्ने त्रियंद के गौरी
09:18नाराय निभानी है
09:22कर दो कर देंद के तेरी तेरी तेरी तेरी तेरी तेरी निभानी है
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