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#PatharDil #AliAbbas #KanwalKhan

Pathar Dil Episode 58 - [Eng Sub] - Kanwal Khan - Ali Abbas - Fajjer Khan - Junaid Jamshaid Niazi - Haroon Shahid - 1st October 2025 - HAR PAL GEO

Pathar Dil is a story about how greed can turn hearts cold and break even the strongest family
bonds.

Minahil is a young and beautiful girl who lost her parents at a young age. Since then, she has been living with her aunt Majida and her cousins Zain and Zara. Minahil doesn’t know that her late father left her a lot of property and wealth, which Majida secretly takes over. Majida pretends the wealth is hers and shows Minahil a dream of marrying Zain so she can keep
control over both Minahil and her inheritance.

Waleed is a well-settled and kind-hearted man who lives with his mother Nargis, who is also Majida’s friend. When Waleed meets Minahil, he falls in love with her. But he is heartbroken to find out that Minahil is already in love with Zain, who has been living abroad for years.
Just when Minahil is about to marry Zain, Waleed uncovers a shocking truth about him, something that could change everything for Minahil.

What secret of Zain's does Waleed know? Will Minahil believe Waleed? Will Minahil and Zain end up together? Will Minahil ever discover how greedy Majida truly is?

7th Sky Entertainment Presentation
Producers: Abdullah Kadwani & Asad Qureshi
Director: Syed Muhammad Khurram
Writer: Nuzhat Saman

Cast:

Ali Abbas as Waleed
Kanwal Khan as Minahil
Junaid Jamshaid Niazi as Hannan
Fajjer Khan as Zara
Haroon Shahid as Zain
Ayesha Gul as Majida
Kinza Malik as Nargis
Humaira Bano as Arfa
Faiza Khan as Saba

#PatharDil58
#AliAbbas
#KanwalKhan
#JunaidJamshaidNiazi

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😹
Fun
Transcript
00:00मेरी जबान को छोड़ो, अपने आपको लगाम दो
00:21भाई ने तुम्हें तलाक क्या दी?
00:24तुम तो फॉरान अपनी पसंद का शोहर डूने निकल गई
00:30तुम्हें हर किसी को अपनी जासे समझावा है?
00:32हाँ?
00:33अपनी मर्ती से शोहर पसंद कियो, अपनी मा की मुखाजबत के बावजूस से शादी करें
00:38बद्वास बंद करो!
00:39तुम होती कोन है मुझ में इंगूज़।
00:40एक क्या बद्वास हो रही है?
00:42दिमाखराब हो गया तुम दोनों का?
00:52मेरा तो नहीं पुपो, लेकिन इसका दिमाखराब हो गिया है
00:56मैं सब कुछ परदाश कर सती हूँ लेकिन मेरे किरदार पे अगर कोई उंगली उठाएगा
01:00यह मैं परदाश नहीं करूंगी, कभी नहीं करूंगी
01:10इसकी जुरत तो देखे जरा
01:13सब सुम्ली है मैंने
01:15उसे जबरदस्ती बुलाके ताने तिशने दे रही थी तुम उसे
01:19जालती हो लो
01:21आजकल मैं इसी के सहारे रह रही हो यह
01:25अगर तुम्हारी यह पकवास होंगे, वो बकावत पर उतर आई
01:28तो क्या होगा मेरा यह सोचा जी नहीं
01:31ठीक है
01:33आप शौक से करें इसकी खुशामत
01:35लेकिन मैं इससे दबने वाली नहीं हूं मैं बता रही हूं
01:38सारा
01:39जब तक तक तुम इस घर में हो ना
01:41परताश करके रहो
01:43मत भूलो
01:45के हम मनाहिल के ऐसानों तले तब ही हुए है
01:51अब पहले जैसे हुकुमत ने चलेगी हमारी हां
01:53आपका जोद दिल में आये ना
01:55करें
02:11हम इसे आपका जोड़ी ना
02:27हलो
02:28मैंने सोचा आप तो फोन करेंगी नहीं
02:32तो मैं कर लो
02:33ऐसी बात नहीं है
02:35मैं सोच रहा था कितो मैं कौल करों
02:37लिकिन पर
02:38आखिर ये तकल्लुफ की दिवार आप गिरा क्यों नहीं देते हैं?
02:42सॉरी, क्या मतलब इस बात का?
02:46क्या कर रहे थे?
02:49मैं..
02:51मैं किताब पढ़ रहाता है
02:54यह दी?
02:55आप किताब भी पढ़ता हैं?
02:57क्यों?
02:58इसमें इतनी हैरत की क्या बात है?
03:01आजकल कौन पढ़ता है किताब?
03:04मैं पढ़ता हूँ और..
03:08और?
03:10और कुछ नहीं
03:12तुम बताओ क्या हो रहा है आजकल?
03:14कुछ खास नहीं, चिल कर रही हूँ
03:17काम तो कोई है नहीं करने को
03:21शॉपिंग, आउटिंग, डिनर और..
03:27और आपको याद करती है
03:30मैं याद आती हूँ आपको?
03:37हाँ, कभी कबार
03:40बस.. कभी कबार?
03:43अच्छली..
03:45अच्छली सबाह अचकल इतनी उलजनों में फसा हूँ माओं के फुरसत नहीं मिलती
03:51किसी को याद करने के लिए फुरसत की जरूवत नहीं पढ़ती
03:56अगर उससे लगाओ हो तो
03:58अरे तुम तो सेरिस ही हुए
04:01चोड़े इसे मुझे बताओ आटी अंगी कैसे
04:04उनको मेरा बहुत सलाम कहना
04:06और सुनो
04:08बहुत तेर हो गई है
04:10सुबहुत इंपॉर्टन मीटिंग है
04:12मैं अब सोने जाना
04:16कल कॉल करूँगा
04:18ठीक है
04:20कह दूँगी सलाम
04:22बाय
04:24जब से मैं नर्केश के घर से आई हूँ
04:26जब से मैं नर्केश के घर से आई हूँ
04:28जब से मैं नर्केश के घर से आई हूँ
04:48जब से मैं नर्केश के आई हूँ
04:52इसको नहीं किया उसने
04:54इसके इसको आणी हिamm liquette
04:56मुझे क्या था फॉन हो लोगी आपको पॉन करें थी मगर आपको फॉन बिजी था
05:02अच्छा
05:03पहाने हैं सारे
05:09उन्होंने अम्मी को पॉन किया ही नहीं होगा
05:17तुमसे ही बात करनी होगी
05:20सो कर ली
05:21पता नहीं
05:31क्या लालच है उनको तुमसे
05:34बेटे का रिष्टा तो कर दिया
05:38हर रिष्टा लालच और वर्सका नहीं होता जारा
05:48कुछ हिष्टे होते हैं जो महबबत के लिए भी होते हैं
05:52अच्छा मना है एक तुम ही तो रह गए हो
05:58दुनिया भर के लोगों को तुमसे ही महबबत हो जाती है
06:01जारा क्या हो गया है
06:04क्यों फुजूल बाते कर रही हो हां चिपचाप नास्टा नहीं कर सकती हो
06:10आप समझा दें फुपबर इसे
06:17अगर इसे यहां रहना है तो सुकून से रहा और मुझे भी रहने दे
06:24हर वक लडाई के मूब में बैठी रहती है
06:27मौका मिलता नहीं है कि बोलना शुरू कर देती है
06:31इसे कहते हैं अगर इसे ऐसी रहना है तो अपने सुस्राज जाए
06:35या फिर मैं कहीं चली जाती हूँ
06:39क्यों?
06:43मैं क्या जाओंगी यहां से
06:48यह मेरा अपना घर है
06:51जब तक दिल चाहेगा मैं आ रहूंगी
06:55और तुम यह क्यों नहीं कह देती
07:01कि तुमारा नर्गी सांटी के घर जाने को दिल चाह रहे है
07:07वहाने ढूंड रही हो
07:09तो मेरी मर्जी मैं जहां जाओं जहां नहीं जाओं
07:13तुम कौन उत्यों बोलने वाली?
07:15मैं तो बोलूँगी
07:17तो रोक के दिखाओं
07:19क्यों बोलोगी
07:23यह घर अब तुम्हारा घर नहीं है
07:27तुम इस घर में न मैमान हो बस
07:29बिटा तुम जाओ
07:31बिटा तुम जाओ
07:43इसकी फुजूल बाते मस सुनो तो मैं ओफिस के लिए देर हो रही है तुम जाओ
07:49जी
07:55तुम अपनी दसकस की जबान को अपने मुझे अंदर नहीं रख सेती हो
07:59यह देखो
08:01मेरे जुड़ेवे हाथ
08:03माफ कर दो मुझे
08:07मेरे घर का महल खराब करने की जरूर नहीं तो मैं
08:11आपको हो क्या गय है मैं
08:13आप कबसे इससे डरने लग भी
08:17हाँ
08:19पहले तो आप मेरे साथ मिल के इसको बाता सुनाती थी
08:23पहले मैं मिनाहिल की मौताज नहीं थी
08:25लेकिन आप
08:31खबरदार अगर आप तुमने उसके साथ उलजने की कोशिश की या उससे कोई पैस की
08:35पहले ही मुझे डर लगावा है
08:39लड़की कुछ भी कर सकती है
08:43झाल झाल
09:13और भाई
09:15कैसा रहा आज का दिन?
09:18कैसा हो नहीं?
09:20जब जिन्दगी में ठोकरें लिखी हुए हूँ तो
09:23ठोकरें खा रहे हूं और क्या?
09:28क्यों क्या हुआ? हैरी से नहीं मिले?
09:32हैरी भी इसी शेर में रहते हैं जहां मीशा रहती
09:34तो ऐसे कैसे हो सकता है कि
09:39उसकी नजरों से वो उज्छल हो जाएं नहीं याँ
09:43हैरी ने तो कहा था उसके फादर बहुत उसूल पसंद है
09:48किसी की नहीं सुनते वो तो
09:53किसी की जो माँ है न उससे बढ़कर रहे पहुंच गहीं होगे उसके बाप तक और के?
10:05मैं हैरी से बात करता हूँ
10:09कोई फाइदा नहीं से फोन करने का
10:13वो तो खुद यहां पर है नहीं उसके बाप से ही मिला था मैं और शरीफ लोग है यार तो कहने से क्या होना है?
10:23आखर यह मिशा चाहती क्या है एक तो खुद ही तुम्हारी जिंदगी से गई अब तुम्हें तो जीने दे
10:30उनी चाहती कि मैं जीए पता है मेरे अकाउंट में जितने भी पैसे देना उसने
10:38सब ले लिए सब खतम कर लिए मेरा अकाउंट बंद हो गया
10:43उसने मेरा कार्ड इस्तमाल किया और उसने सारे पैसे इस्तमाल कर लिए
10:59एक डॉलर तक ही छोड़ा उसने
11:03बड़ी शातिर हो रहत है यार
11:07फिर मुझे लगते है मेरी यही सजा है
11:12एक बावफा लड़की जो मुझे से बेंतहा महबत करती थी
11:20मैंने उससे दोका दिया उसकी जिन्दगी बर्बाद दिया
11:23बदले में मेरी भी जिन्दगी बर्बाद दिया
11:30नहीं यार ऐसा नहीं सोच
11:33यह ऐसे यार बदल हो गया हो
11:39आकसान वापस जाना चाहता हूँ
11:43कल ही अपने डॉक्यमेंट्स लोंगा और पैसे रेंज करूँगा वापस जाना की यह
11:50अपना चाहता हूँ
11:54आपना चाहता है
11:58इंदी आपना चाहता हूँ
12:02कला काहता हुआ
12:04क्ला चाहता हुआ
12:09कि बहुत देर के देमी ने आने में आपके चार बजे का टाइम दिया शीवा अगर मैं ना पहुंचा तो वो पहुंचेगी यहां आती ही होंगी
12:33महां कुछ बेचना भी तो असान नहीं है
12:36लोग समझ जाते हैं मजबूर हैं फिर कम से कम कीमत लगाते हैं अगर अमी तो जाहिर है तो और दा में ही बेचेंगी
12:47लोग आगे
13:06या अलाह अरे हननन अमी क्या हुआ है क्या बता हूँ अरे वो तेरे सुस्राल वाले कमखा दोके बास लालची मकार सब बरबाद करके रख दिया
13:20मैं पानी लेकर आती है अमी इसके सुस्राल के कसी देर सुनाती रहेंगी या कुछ बताएंगी भी
13:32ते क्या बता हूँ बताने को कुछ रहा ही नहीं कम बगतों ने सब बढ़ बाद कर दिया हमें किसी के हसामने कुछ पूदी का पिल नहीं चोड़ा
13:41अमी अब चोड़ें आप पानी पिए ना अमी अब खुलकर क्यों नहीं बता दी मैंने निकलना श्रीबा को चाल बेजी का टाइम दिया हूँ अ
13:52सारा मा जाली थमादिया में सारा माल
13:56क्या मतलब सुने के नहीं है चांदी के सुने का पानी चड़ में और हम गुटी हीरे की नहीं थी
14:08यह यह जाली नगी न जड़ा हुए था उसमें
14:13या आला आला घारत करते है ऐसे मंकार लोगों को और हम गरीम के साथ ऐसा थुल्म
14:20या आला अरे बेटिवालों के साथ भाला को यह ऐसे भी करता है
14:27अम्मी सब कुछ नकली है जारे सब नकली है सब जाली है
14:37अभ्या भुच्छे!
14:40अन्म, आनIAM, दिन्म வhea software meantime,
14:45icion को,
15:07यह क्या क्या रही हो तुम निम्रा को तलाग हो गई है और सिर्फ तलाग नहीं हुई दो जोडों में घर से निकाले हो नहीं
15:32जहेज का सारा सोना कैश सब हत्या लिया यहां तब कि हब महर का चेक रख लिया
15:44तौबा तौबा या ला इस दुनिया में कैसे कैसे दोका देने वाले लोग है ना
15:58आपको अंदाजा नहीं है अमनी ये लोग कितने शातिर थे ऐसे बन कर आये थे कि कोई कह नहीं सकता कि ये लोग इलीट क्लास नहीं है
16:14असल में तुनका कारोबारी यह होगा कितने अरसे से करते आ रहे होंगे पके हो गए अब हर तरह का भीज़ बदल लेते होंगे
16:28पचारी निम्रा के साथ तो बहुत बुरा हुआ है
16:32बेर बाद नहीं हुई अमी उनके क्रिये की सजा मिली नहीं
16:40बेटियों का दुख देखके ना माओं का सीना चिख जाता है
16:49आरफा तो बहुत परिशान मोगी
16:55मेरा ख्याल है कि मुझे जाके मिलना चाहिए आरफा से
17:01क्या कहती हो जारा जारा तुमसे कह रही हूँ मैं
17:08क्या मैं सोच रही हूँ कि आरफा परिशान होगी मुझे उससे जाके मिलना चाहिए
17:16कोई जरूरत नहीं है मैं वहां से लड़की आई हूँ
17:21जब तक वो लोग यहां आके मुझसे माफे नहीं मांगेगी ने
17:25यहां से कोई नहीं जाएगा बहां समझ कहीं आप
17:29अजीब रड़की जिद करके अपनी पसंद की शादी की अपने भानी नहीं है वस
17:39तुमने मेरे खाने में जहर मिलाया है तुम्हारे इतने हिम्मत हम्जा
17:51मामा हम्जा इसने मेरे नाश्ते में जहर मिलाया है जाए
17:57जब तक यह नहीं बताएगा कि मेरे शोहर काई में यहां से कही नहीं जाने वाली तुम्हारे इस घर में आई हो सबका सुकून
18:05तुमने बरबाद कर गिया है तुमने, सुकून तुम्हारे शोहर ने बरबाद किया है।
18:08सिकंदर भाद शातुर इंपान, अगर इस केस में वो मुलविस है, तो वो इतनी असानी से हाथ भी आएगा।
18:15वस्वही रहना
18:17हलो, असलाम लीकूम, कैसी आउंटी?
18:32वाले को असलाम ली, ठीक हूं मिटा।
18:36अगर मुझे तहीं लग रहा है कि आप प्रिक हैं।
18:39नहीं, ठीक ही हूं बस थोड़ी सी कम्जोरी, फील हो रही है।
18:44चक्कर आ रहे थे, बानों ने जूस बना कर दी है।
18:49सब आराम कर रही है।
18:52मुझे पता था कि आप काफी दिनों से मुझे कॉल नहीं करी, यकिनन आपकी तब्रत खराब होगी।
18:56अच्छा होगा कि मैंने आज आपको कॉल कर ली।
18:58आप डॉक्टर के पास चदी जाना है।
19:01नहीं बिटा, ऐसी भी बिमार नहीं होके डॉक्टर के पास जाओ।
19:07ऐसे भी वलीद को कहा तुझ सारे काम छोड़कर आ जाएगा।
19:12ठीक है, मैं आती हूँ.
19:14स्च्छा.
19:30वे इँ हार हीव
19:34वे इँ हार
19:47वे इँ हार
19:52वे इँ हार
19:53झाल
20:23मुश्रा बिलकुल भी जाइकादार सूप नहीं बनाती है इसलिए मैं पीती ही नहीं तो आप मुझसे कह दिया करें ना मैं बना दूंगी मगर आप तो मुझे अपना ही नहीं समझते हैं सिर्फ बेटी कहती नहीं समझते भी हो लेकिन मैं ये भी जानती हूँ कि तुम्हारे �
20:53अनाहिल तुम्हे जब भी वापिस जाना हो मुझे पता देना ना तुम्हें डॉप कर तूंका बस मैं अब निकलूंगी बहुत रात हो गए लेकिन आप तक लिख ना करे मैं चली जाओंगी तुम्हें नहीं बिटा खाना खाकर जाना और वली तुम्हें छोड़ा है जाना
21:23बहुत देर हो गई है आप जानती तो है कि फुपो कफा हूंगी तुम्हाजदा की फिगर ना करो मैं उसे फोन कर दूंगी ठीक है
21:42और से नहीं बस
21:53हाँ च्वोच्छषा तुम्हाँ मिठरी कि व्याँ पाकिस्तान जारी विख ठीक तुम्हारा खुरेदीन अ कि ले बेहरे तुम्हारे एह॥ चार साल की में बहुए।
22:19मुथ न्हीं पासपूर्टन जारा नचार खॉर नहीं टुक्ता की है
22:20मुझे मेरे डॉकुमेंट्स ही है, मेरा पासपूर्ट जी हम जब तक तक तक तुम्हे मैं आखी सड़ को भीद मांग को आगाने देख हूंगी ना, मुझे सखोर नी मनना, इसलिए पाकिस्तान को ना, तुम भूली जाओ
22:31मिषा पीपकiteit, मॉड़ मेरा पासभान को अठिको आपक एळिने मत लोगको यह है
22:40यह हमत सखेए लोगात यह थावर को आब साथ मुझे दिने मत खुड़ डरस थाव प्ला सखेए हमें ए फगरी जाओ।
22:43मईक को अछेए हम है आए
22:47यह यह हमात बाल मैंद।
22:52आई किती भूख लग रहे हैं
23:02अम्मी
23:05अम्मी
23:07अम्मी
23:10आज खाना नहीं मिलेगा क्या
23:14कब आएगी वो माडम
23:16और तब बनेगा खाना
23:18सारा दिन बैठे बैठे थकनी जाना
23:22करती है
23:24क्या मतलब
23:28मैं क्या इस घर में घर के काम करने आई
23:32घर के काम ना सही अपने काम तो कर सकती हो ना पिटा
23:36आटा गुंदावा फ्रिज में रखा हुआ है
23:42निकालो रोटियां बना और खालो
23:46सालन तो मैंने बना दिये
23:48मैं इतनी गर्वी में चू लेके आगे जाके खड़ी हो जाओं
23:50ठीक है फिर इंतजार करो उसके आने का
23:55अम्मी
23:56कौन इतना टाइम लगाता है ओफिस में
24:00कॉल करके बता करें ना
24:01कर लोगे तुम जो खाना खाओ
24:05अम्मी आप बना दे ना रोटी
24:09आपने खुद में भी तो खाना खाना होगा
24:12नहीं मुझे भूख नहीं है
24:13च्या हो एम्मी तब ठीक है
24:19बतनी अजीब से घबराहट हो रही है मुझे
24:24कुछ अच्छा नहीं लग रहा हूँ
24:28मुझे तो बीपी हाय लग रहे है आपका
24:30अब मनाहिल कमबाफ आएगी तो भी पीचे करेगी न इसी बात का तो अफसोस है
24:37अउलाद के होते हुए भी मुझे अपने हर काम के लिए मनाहिल का मुताज होना पड़ता है
24:46बेटा है फर मेरा नहीं बेटी पास है लेकिन मेरी नहीं है
25:00तो क्या हुआ मनाहिल को भी तो आप ही नेपाल पोस्के बढ़ा किये
25:04और तुम लोगों को
25:06सच कहूं तो वो बिचारी बस पल गई
25:12परवरिश तो मैंने तुम दोनों बहन भाई की किये न
25:17बच्पन से हर लाट उठाया हर खाईश पूरी की
25:25अच्छा खिलाया अच्छा पहनाया
25:28मगर तुम दोनों ने
25:32मा कोई भुला दिया अपनी अपनी पसंद की शादिया की
25:37और चले के के छोड़तिया अमा को अकेले अच्छा ना उस्तार ना करेगा
25:45वजीद बीपी हाई हो जाएगा चले खुली फेजा में चलके बैठ लेड़ते और मैं को खाना ओर करती हम चले चले ना उठे जाले जाले
25:56मैं कुछ और केटी
26:26जब तक तक तक तुम्हे मैं आखी सड़ को भीग मां का वाने देखनेंगी ना, मुझे सखोड नी में इसलिए पाकिस्तान को ना भूली जाओ
26:51अलाहिल, तुमसे एक बात पूछू हूँ
27:10पूछें
27:15जब क्यों अपने आपको इसे तुफप पंचारी है
27:19तुमसे पाते हैं
27:21एसलिए को बात है
27:23अर इनसान पर पहला अखतना होता है
27:29तुम कब अब तुम्हें अपने अग फिकरती रहूं है
27:35मैंने ऐसे कुछ किया रही है
27:41आपको शैद भी गलत फ़ह में रही है
27:43तुम मुझे जानो या ना जाना
27:45अगर मैं तुम्हें बहुत अच्छी तो ना जान कैना
27:49अगर बहुत अच्छी तो ना जान कैना
27:51खुद को अजियत देना तुम्हें के लिए अपनी खुश्यान परबात करना
27:57इस अपने अपनी आद़त बना दी
28:01और शायद तुम्हें लगता है कि अल्ला तुम्हें इस दुनिया में सिर्फ इसलिए वेज़ा है
28:05कि बस तुम दूसरों पर अपनी खुशिया निचावर करती हो
28:09यह मेरा दाप्ती नस्वा है
28:13आप परिशान में तुम्हें
28:15जब दूसरों से मौबबत का रिष्टा इस्तवार हो जाता है तो
28:19आपका दुख और आपकी परिशानिया भी बढ़ जाती
28:25वहार है अभी सिर्व इतना क्याना चाहता हूं कि
28:37अपनी खुशियां को बान करो दूसरों के
28:41लेकिन अपनी जिंदगी उंपर निचावर नहीं करते हूं
28:45यह जिंदगी न अल्ला की तरफ से दीवे यह मानत है
28:52इसके हिफादत करना तुम्हारा फर्स है
28:58जो कि गयामत के दिन इसका भी सवाल किया जाए
29:01अपने बारे में सोचो कोई अच्छा पैसला ते नहीं
29:07जिंदगी में अपने बारे में सोचना सीखो आगे बढ़ना सीखो
29:13अब अपने सोचने के लिए बज़ ही क्या गया है
29:34और आगे भी कैसे बढ़ना मेरे में सीख की सियाही ने चारों तरफ अंधेरे बिखे दूए
29:42ना रास्तों का निशान है ना मनजल का पता
29:46तुम जब भी मेरी तरफ इस तरह देखती हो
29:53मेरे रादे डामा डूल होने लगता लेकिन वैस लगी खड़ी तो नेकल चुकी है
30:01हनान इस फून उठा ले उसका कई कमभखत घर पे इनान धमके
30:22हनान इस फून उठा ले उसका कई कमभखत घर पे इनान धमके
30:30तो इससे क्या होगा अमी शाम चार बज़े का टाइप दिया था रात के दस बज़े
30:35मैंने तो पहले ही कहा था दस लाग का चेक दे दे और दो चार दिन का टाइम ले ले
30:40और उसके साफ साफ के दिया था फंद्रा लाग से एक रुपए कम नहीं लूगी तो क्या करेगा
30:46सबसे पहले तो यह फॉन बंद करता हूं सुभा देखी जाएगी तो भई वो कहीं घर पर ही ना जाए
30:52हमारा इलाका उसकी घर से बहुत दूर है नहीं आएगी
30:56नहीं आएगी
30:58पिर सुन लारा का क्या करने है
31:03कुछ दिन उससे वहां रहने थे हैं पिर जाकर बना लूगा
31:09हाँ उससे बनाना बहुत जरूरी है
31:15क्योंकि अब सिर्फ उसी की जाएदात का असरा है हम
31:21फेरेस शीबा की बच्ची से तुन ने मटनी
31:26मैं तो कहती हूँ कल ही जाके चेंग दे दे
31:30कहीं वो घर पे ना आ जाएगा
31:32अनान सुन तेरी तो इतनी सारी लड़कियों से दोस्ती है
31:41तो कोई और ऐसी नहीं मतलब है इसे पाच दस लाग पर लिये जा सके
31:46अमें सबसे मालदार असामीना यह शीबा ही थी
31:51असे जारा की मां के बेंग में भी बहुत कुछ होगा
31:57अले बेटा अमरीका से डॉलर्स भेजता है और यहां की जाइदाद से किराये लगाते हूं ने
32:04अमें बहुत चलाक वारत है वो अतने दुखानों के काजस कैसे देदी है कैश कभी नहीं निकाल लेगी वो
32:15करने में कुछ हर्च हो रही है ठीक है तो बनाए को प्लैन अस दौा करें में यह जारा ने अपनी मां को कुछ बताया ना हो
32:30जारा को बनाने से पहले ना इसकी मां को बना लूँगा यह ठीक है
32:45उपन्हस की सब्कुखे अगजा और आगई माहराणी आसलाम लेको की तवालेको असलाम की
32:57नरकिस की तबएट कैसी है लेए पहले से बहुत बहुत बात बहुत बेतर हैं
33:02अपोईमेंट भी ले लियाय ए यह भस ठीक चर ऑते हैं अर्ला सेहत दे नरकिस को
33:13बिटा, तुम खड़े की वो, बैठो ना, जाओ, जा के चाय बना के लिए, ने, ने, उसकी कोई जुरत नहीं है, मैं घर चाहूँगा, आप माँ के लिए, उनका ख्याल भी रखना, ने, तेहाती तुम बिल्कुल चाहिए लेगा, शहर उनके स्मार्ट हो गया गया, एक प चा
33:43ठीक है, बिटा, नर्गिस को पूछना मही दरफ से, हाँ? शरूर, आफिस, आफिस, आफिस, आफिस, कुछ बोली किमी है अप, इतनी देर से वो घर आई है, इस बात पे तो आपको तमाशा करना चाहिए था, किस मोचा बोलते, हाँ? नर्गिस और बलीद के बड़े आसाना
34:13मेरा बोलना मुनासिब नहीं था. अच्छा, तो अब उनके एसानों का बदल आप इस तरह चुकाएंगे, कि मनाहिर जिस वक्त चाहे वलीद के साथ घर आए और जिस वक्त चाहे यहां से जाए, इतनी छोट दे रखिया. अच्छा, फुजूल बक्वास मत करो, जा शावश
34:43झाल
35:13तायमेंड रही है. तायमेंड?
35:20जितनी खुबसूरत तुम हो, तुम्हारा तोफ़ा भी टोपना खुबसर होना चाहिए.
35:29ठीक कह रहा है.
35:32मैं हूँ बाजी फर्दॉस
35:37और यह है मेरा बेटा फर्हान और पैरिद.
35:43और जनाब यह महल जैसा हमारा खर.
35:50निमो, निमो तो रो रही है.
36:05मेरे बच्ची, क्यों रो रही है मुझे बता? मेरा दिल देहल राए.
36:12बोलना.
36:14मेरे बच्ची, तुने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा.
36:21मेरे बच्ची, तुने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा.
36:28हमारे नसीब ही खराब था कि वो फ्रॉडिये दो नंबर लोगों से हमारा वास्ता पड़ा.
36:35लागारत करते हैं.
36:38लागी मार पड़े उन पर के लाकों रुपे भी हमारे खा लिये.
36:46मेरे बच्ची को भी बरबाद करके रख दिया.
36:50तरी मुझ से पहले और कितनी शादिया कर चुका होगा.
36:56अब एक और करके बैटा होगा.
36:59काश मुझे कहीं से पता चल जा है उन लोग का.
37:02जो सारी उमर के लिए जेल में सड़वा दू उने.
37:07इतनी असानी से आताने वाले नहीं भूलोग, अम्मी.
37:13मैं हरसे से वोगे काम कर रहे हैं.
37:17पुरी प्लैलिंग के साथ करते हैं.
37:20इमो, तुझे वो घर याद है?
37:24जहां पर उनने तुझे खैद करके रखा था.
37:26अगर वो पता चल जाए ना, तो पकड़े जाएंगे.
37:43जहां पर उनने तुझे जाएंगे.
37:48झाल जाएंगे.
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