Skip to playerSkip to main content
  • 2 months ago

Category

🗞
News
Transcript
00:00नमस्कार में अउकाज बुर्से लुकमट डिजिटल मदे अपले स्वागत आए
00:04सद्ध्य मी अयोध्य लगरी मदे नया घाट वर आए
00:07राम की पेड़ी आला मेठला जाता
00:10तर बावीत जन्योरी दो नजार चोईसला प्रभु श्रीरमान चे मुर्तिची प्रान प्रतिष्टा जाली तो सोड़ा जो होता तो आपने अपले पेज़ूर लुकमचा पेज़ूर लाईव के लिला होता
00:19क्या नंतर अयोद्य मुद्य निम्की काई काई बदल गड़ले या विशावर बुलने साथी मैं जी सोबद लक्षेमंदास महरा जहेद जन्सा अयोद्य मुद्य आश्रम सुद्धा है आपने सवा सद्वेद बाइस तरीक को आप भी थे मैं भी था वहाँ पे तो एक अब�
00:49जैसे रोड का जहां सारवजनिक अस्थल है जो पुराने घाट है जो पुराने अस्थल कुंड है उन सबों का नभी खरण हो रहा है जैसे दिव्य और भव्य जैसे आप कोई मकान पुराना जरजर हो गया हो उसको तोर करके नए माडल में बनाना वैसे तो आध्या का जो ब
01:19बिक्रमादित द्वारा लेकिन आज बरतमान स्थिती में हमारे आदर्निय के सश्विप मुक्मंत्री स्री योगी आदितनाजी के द्वारा यह नभी इंतम और दिबितम और भवितम रूप दिया जा रहा है जैसा कि आपको दिख रहा है अगर राम की पैरी में आप आते रहे
01:49और लोगों का हिंदुत्तों का जागरन जैसे हमारा फर्व है हमारा सनातन धर्म है उसको जागरत करना यह उनका मतरव एक लक्षा है उसे लक्ष को आगे बढ़ा रहे हैं अब जैसे एक संगटना है राश्त आरेसेस के बारे में अभी महाराष्त में जो आंदुलन छेड�
02:19जी हम बेट कर तो उन्होंने कहा कि आरेसेस नोनिकुल संगटना नहीं उस पर बैन लना चाहिए इसी महाराष्त में मांग हुए उसके बारे में आप क्या करें जीकि आरेसेस जो है सो वर्ष पूराना संस्था है सो वर्ष पूरे होंगे उनका एक ही लक्षा है कि हिंदुत
02:49के ले गए लेकिन राष्टीय स्वह्म सेवक जो है इस धरोफर को बचाने का कार कर रही है और हिंदुत को संगठन के माहरास्ट में हो चाहे गुजरात में हो पंजाब में हो कहीं पर भी उनका जो शंस्था है ही दिट्वत को जगाना अपने गरिमा को बचाना और � Tarauna और �
03:19सब्सक्ता कारन है कि हम पांच भाई हैं या दो भाई हैं तो दोनों भाई पहसका बता सब करते
03:48कोई भयफे होगा, मास्टर, क कुई भयफे हैं, सबका अलग, अलग, सौच पो
03:56को एक अलग, मुझस बनाना हिंदुत्त का है, काम को भी आक करें। आप चाहे, डाक्टर, मास्टर या विजनस करें । लेकिन र महें रहता��ρωच ह Pure
04:05सबको ये करके और हिंदुत्यू की बात करना ये मानवता है और यही हमारा संस्कृति धरोहर है इसकी अगर अच्छा होगी तो आने वाले जो पिढ़ी होगा वो अभी हिंदुत्यू को जानेगा समझेगा कि इसमें क्या है हमारा धरोहर क्या है हमारी संस्कृति क्या है हमारी
04:35तो इस थलकम महतों क्या है राम भगवान राम की पैरी है भगवान कभी सी किनारे खेलते थे एक पद है कि जो है सर्जु के तीरे आज खेले रगुनंदन बबुवा एक पद है कि भगवान जो है खेला करते थे राम लक्षमन भरस अत्रुवन और उनके जो भी बाल सखा थे �
05:05में बच्चा को डर लग सकता लेकिन इसमें बच्चे भी काम की पैरी में गुटने बर पानी है उसमें जा करके कोई बुढ़े बजोर्ग क्या बच्चे खेल सकते हैं आनंद ले सकते हैं इस तरह का इसकी महत्त बताया गया है ऐसा भी कहा जाता है अभी दिपावली के दिन
05:35लेकि राम पैरी पर लिए उत्तो आजित्योग मुखमंत्र्जी का देना है इससे पहले कह मनाया जाता था ता आज नहीं कई सेक्रों बहुतार पुराना है तो पहले तो नहीं मनाया जाता है लेकिन तंकि हिंडू है वो
05:49है वो आहिंदू के परव को आगे बढ़ाना के सनातन संस्कृति का धर्म है इसलिए योगी आधित नाजी का यह देना है अन्य लोगों का देन नहीं है दिपावली और प्रभुशी राम जी का आना हाँ जैसे राम जी 14 वरस के बाद यहां लोटे तो पूरे घर-घर में आनन
06:19इसे आपके घर में कभी कोई किसी को नोकरी सर्विस लगती है या कोई उस्सा का काम होता है तो आप परसन्न हो जाते हैं तो जगमगाते हैं मिठाई खाते हैं कोई तैस तरह से यहां दिपावस्ब बना करके मिठाई बाट करके भाईचारा का प्रदर्शन करके कि हमारे र
06:49इसको बसुस्ठ की पूत्त्री कही कही गई है और बताते है कि यह जो है गंगा जी का जो अवतरन करने के लिए
07:15क्यों जा मज जनते बिनही प्रयासा मम समीप नर्पाब ही बासा दरस परस मज जन �รुपाना हराइश पाप कह बेद पुराना
07:27इनके असपरस मातर से दरसन मातर से हमारे जनम जनमांतर के जो पाप है उमिट जाता है
07:34लिए सर जो की महिमा है
07:35पिरह भरत जी को समया का इसा कुछ नहीं गुपतार घाट है सर्जु जी में भगवान राम भी समाहित हो गए लक्षमन जी भरत जी सत्वों जिनको जितने परिकरते वो सब के सब गुपतार घाट में यानि सर्जु जी में प्रविष्ट हो गए क्योंकि इस्वर अंस जीव�
08:05मंत्र जिसे आप क्या कहना चाहेंगे
08:07देखिए योगी आधितनाज जी एक भाजपा की
08:11सरकार है हिंदुत की
08:13सरकार है और
08:15उनको जैसे
08:17त्रेटा में
08:19मनी में आंगं था ये
08:21बताते हैं मनीYO में सीढी थी
08:23तो मनी में तो हो नहीं सकता लेकिन
08:25लाइट के दोरा पत्थर के दोरा उसको सजा करके जैसे आप देखी रहे हैं पत्थर लगा हुआ है, लाइट लगी हुई है, जगमक जगमक कर रही है, गया दिब और भव्य सरूप, यानि जैसे आप पपरी अछय पहनना चाहते हैं,
08:39मकान अच्छ बनाना चाहते हैं
08:42सरीर आपका सुंदर होना चाहिए
08:43ऐसे इसको सजाने का काम किया जा रहा है
08:46ताकि सजेगा विदेश से लोग आते हैं
08:49और क्या करना चाहिए ऐसे लवत अब यहाँ जैसे की
08:53देखे समाज का जो भी कारे हैं
08:55संस्कृत विद्याले यहां पर हैं विद्याले हैं समाज के कार के लिए समाज में जो अकसर है जैसे स्वास्त के लिए सिक्षा चली रहा है अनाथाले के लिए जो जैसे गरीब दुखिया हो बहुत सारे लोग इधर अधर आप देखेंगे बैठे उठे रहाते हैं उनकी वि�
09:25साम के वक्त मैं रोज आता हूं सर्विजी अगर अध्या में रहता हूं तो देखता हूं बहुत सारे लोग इधर उधर लेटे रहते हैं तो उनका भी एक आस्रे होना चाहिए जहां कि वह दीन बार कहीं भी रहे साम में जाकर को अभिश्राम कर सके उन गरीबों के प्रती �
09:55उनके जो दू लड़के हैं अभी राजोरुदो वो सालोबाद साथ आये अभी दक उनने बाचेतनी होती थी लेकिन अब साथ में आये हैं तो क्या लगता आपको उनसे क्या अपिक्षा है आपको उध्धे ठाकर जी तो यहां आये थे और भाजपासे ही थे ऐसा नहीं इस �
10:25अक्षमन की लाप है एक बैठक हुई थी हम भी उसमें थे तो उन्होंने बहुत संतों को सम्मान आज भी करते हैं लेकिन वो राजनीती मुद्दा है राजनीती मुद्दा में कब अलग हो जाए कब एक हो जाए जहां पद प्रतिष्ठा की बात आज वहां हिंदुत्य की ब
10:55को कुर्ची नहीं मिली इसलिए वलग भी अब राज्ट हीगे के साथ में आ घरी कांग्रेश का सोचलkg है सब पार्टी की सोचलाग है सबका एक एजन्दा है जिसमें हमारे जो हिंदुस सम्राट जो थे हाक्रे साहब उन्ही के पच्चिनौं पर उनको चलना चाहिएTo
11:24सोच नहीं है हिंदु समराट की बात नहीं है वह जहां भी होगा तो मुशलमानों का सपोर्ट में बोलते हैं कांग्रेस आज भी जहां भी बोली लेकिन भाजबा खुलम खुला बोल लाई है और सिद्ध भी कर दी राम जन भूमी मंदिर निर्मान करके उन्होंने सिद्ध कर �
11:54आपके फितास्त्री ने हिंदुत्त के लिए अपना पूरा जीवन समर्पन कर दिया तो आपको भी करना चाहिए पद्ध क्या है तजिये ताही कोटी बहरी सम्यद्ध परम सर्भिने पद्रिका में आया है कि यदि राम को जो प्रिये नहीं है जो भगवान के प्रिये नहीं
12:24उने परिक्या कर दिया भाई को और आम के सरण में चैस्तरवन सुजा सुनिया हूँ प्रभु भंजन भभीर तरही तरही आयरतिया रणा शरण सुख़द्रगु ये प्रभु आपके चरणों में सरण में सुख है राम मरने के बाद भी लो राम राम बोलते हैं अजी राम �
12:54नाम को छोड़ना नहीं चाहिए।
Be the first to comment
Add your comment

Recommended