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00:0028 जून 1914 आस्ट्रो हंगेरियन एम्पायर के प्रिंस अपनी भीवी के साथ बॉसनिया के विजिट पर थे
00:07वो अपनी काड़ी में रोड से गुजरते गुजरते लोगों को हाथ हिलाते जा रहे थे
00:12के एक मकाम पर उनके ड्राइवर ने गाड़ी को गलत गली में मोड दिया
00:16हालांके ये टरन गलती से लिया गया था लेकिन किसको मालूम था
00:21के महज सिर्फ गलत गली में आने का अन्जाम दुनिया को वर्ल्ड वार वन की सूरत में देखना पड़ेगा
00:27जिसमें चार करोड लोगों की मौत और अर्बों डॉलर्स का नुकसान हुआ
00:31जी हाँ आए जानते हैं कि सिर्फ एक गलत टरन दुनिया को वर्ल्ड वार वन में कैसे धखेल गया
00:38जैम टीवी की वीडियोज में एक बार फिर से खुशाम दीद
00:41नाजरीन वर्ल्ड वार वन से पहले यानी 1900 के शुरुआती सालों में दुनिया का नक्षा आज से बहुत डिफरेंट था
00:49रशियन एंपाइर, आटोमन एंपाइर और आस्ट्रो हंगेरियन एंपाइर जैसी बड़ी रियास्ते मौजूद थी
00:55यहां सबसे इंपॉर्टेंट कंट्री थी बौस्निया एंड हर्ट्सकुवीना जहां से इस सारे मसले की शुरुआत होती है
01:02बौस्निया पर आस्ट्रो हंगेरियन एंपाइर ने 1908 में कबजा करके उसके सारे मामलात को कंट्रोल करना शुरू कर दिया
01:10बौस्निया में ज्यादा तर सलेविक लोग रहा करते थे जबके बौस्निया के हमसाया मुलक सर्बिया में भी काफी सलेविक लोग मौजूद थे
01:18इसलिए दोनों मुलकों के लोगों की एक दूसरे के साथ हमदर्दिया मौजूद थी
01:22लेकिन सर्बिया आस्ट्रो हंगेरियन एमपायर का हिस्सा नहीं था
01:26अब इन दोनों मुलकों के लोग थे तो एक ही लेकिन इन दोनों पर अलग अलग रियासतें राज करती थी
01:32आस्ट्रो हंगेरियन एमपायर चाहती थी के सर्बिया पर भी कवजा करके उसको अपनी एमपायर का हिस्सा बना ले
01:39इससे बोसनिया समेथ सर्बिया भी इनके कंट्रोल में आ जाएगा और यहां के लोगों में भी दूरियां खतम हो जाएंगी
01:45लेकिन यहां के लोग ऐसा नहीं चाहते थे
01:48स्लैविक लोगों में आस्ट्रो हंगेरियन एमपायर के इस प्लैन को लेकर काफी गम और घुसा पाया जाने लगा
01:54उनकी ख्वाहिश थी कि सर्बिया बोस्निया एंड हर्टसकोवीना जहां स्लैविक लोग रहते हैं यह सब एक ही आजाद मुलक बना लें जिसे ग्रेटर सर्बिया या फिर यूगोसलाविया का नाम दिया जाए
02:06लेकिन फिलहाल उनके पास आस्ट्रो हंगेरियन एंपायर से नफरत करने के सिवा कोई आप्शन नहीं था
02:13शायद आस्ट्रो हंगेरियन एंपायर सर्बिया पर हमला कर भी लेती लेकिन उनको डर था रशिया से
02:19क्योंकि रशिया नहीं चाहता था कि आस्ट्रो हंगेरियन इंपायर इस रीजन में ज्यादा ग्रो करे।
02:24इसलिए रशिया से लडने के लिए आस्ट्रो हंगेरियन इंपायर ने जर्मनी को अपने साथ मिलाकर उनको बैक अप पर रख दिया और रशिया ने फरांस के साथ अलाइंस बना ली
02:34वहां सर्बिया और बॉसनिया के नेशनलिस्ट ने आहस्ता आहस्ता अपनी आजदी के लिए और्गनाईजेशन्स बनाना शुरू कर दी
02:41पहले तो इन और्गनाईजेशन्स का मकसद सिर्फ आस्ट्रो हंगेरियन इंपायर के खिलाफ प्रोटेस्ट करने का था
02:47लेकिन वक्त के साथ साथ ये मिलिटन्ट और्गनाईजेशन्स में तब्दील होकर खून रिजी पर उतर आई।
02:53इसी दौरान एक और तन्जीम वजूद में आई जिसे बलेक हैंड का नाम दिया गया।
02:59इस तन्जीम का नारा था कि वो ग्रेटर सर्बिया या यूगो सलाविया बना कर ही दम लेंगे।
03:04अपने मकसद को पूरा करने के लिए ये तन्जीम ये और्गनाईजेशन किसी की जान लेने को भी तयार थी।
03:11इसी बीच एक 19 साल का लड़का गैवरीलो प्रिंसिप भी था जो हमेशा से अजाद मुलक यूगो सलाविया का खाब दिखा करता था।
03:20उसने भी ब्लेक हैंड और्गनाईजेशन को जॉइन कर लिया और अब वो लोग दिन रात काम करने लगे किस तरह आस्ट्रो हंगेरियन एमपायर से बदला लिया जाए और उनसे जान चुड़ाई जाए।
03:31उन्होंने कई मरतबा आस्ट्रो हंगेरियन एमपायर के आफिशल्स पर हमले भी किये लेकिन उनको किसी भी तरह एमपायर से चुड़कारा नहीं मिल रहा था।
03:40फास्ट फारवर्ड करके आते हैं 1914 में इसी बीच उनको खबर मिली कि आस्ट्रो हंगेरियन एमपायर का परिंस आर्च डूक फरांस फरडिनेंड बॉसनिया विजिट करने वाला है।
03:51आस्ट्रियन एमपायर का परिंस अपनी एमपायर का बादशा बनने वाला था और सर्बिया पर कब्जा करने का सारा प्लैन भी इसी का था।
03:59ब्लैक हेंड और्गनाईजेशन के मेंबर्स को किसी भी सूरत इस प्रिंस को किंग बनने से रोकना था।
04:05ये खबर मिलते ही ब्लैक हैंड के मेंबर्स खुश हुए और उनके दिमाग में एक खतरनाक प्लैन जनम लेने लगा।
04:12सबसे पहले प्रिंस आर्च ड्यूक के विजिट वाले दिन उसके रूट का पता लगाया गया।
04:18मालूम पड़ा के वो सिटी हॉल में एक नए म्यूजियम की इनाउगरेशन करने वाले हैं।
04:23ब्लैक हैंड के मेंबर्स ने प्लैन बनाया के उनके तीन लोग डिफरेंट लोकेशन्स पर लोगों के हजूम में खड़े होंगे।
04:30प्रिंस की गाड़ी जिस मेंबर के सामने से भी गुजरेगी वो पहले गरनेट फैंकेगा और फिर साइनाइट पिल यानि के जान लेने वाली दवाई खाकर पास मौजूद दरिया में कूद जाएगा।
04:41प्रिंस को मारने के बाद मारने वाला भी मर जाए।
05:11अलग प्लैन बना रहा था।
05:41और जितनी देर वो सोच रहा था इतनी देर में गाड़ी गुजर गई।
05:45अब सारी जिम्धारी तीसरे आदमी पर थी। उसके सामने से जब प्रिंस की गाड़ी गुजरी तो उसने जल्दी से बाउम फैंक दिया।
05:53लकिन उसका निशाना ठीक नहीं था।
05:55गरनेंड प्रिंस की गाड़ी के बजाए पिछली गाड़ी से भी कुछ दूर जा गिरा जिससे कराउड में मौजूद 20 लोग जखमी हुए जबके प्रिंस समयत किसी की भी जान नहीं गई।
06:05नहीं गई। ये काम करते ही उसने जल्दी से अपनी साइनाइट पिल खा ली जो के पुरानी होने की वज़ा से नाकारा हो चुकी थी।
06:13उस कैपसूल ने उसकी जान तो नहीं ली बलके सिर्फ उसे हलकी सी उल्टी हुई। ये सब करने के बाद उसने प्लैन के मताबक दरिया में चलांग लगा ली। लेकिन शायद आज उसकी किसमत खराब थी। उस दिन दरिया का पानी सिर्फ एक फुट से थोड़ा ज्यादा
06:43अपने खुफिया मिशन पर मौजूद था। बाम फटने के बाद फॉरन प्रिंस और उसकी वाइफ को सिक्यूरिटी में ले जाकर सिक्यूर जगा पहुंचा दिया गया। प्रिंस आर्च ड्यूक घुसे में बोसनिया के मेर से शिकायत करते हैं कि हम आपके शहर विजिट क
07:13लेकिन शेडियूल और रूट चेंज होने की इतला उनकी गाड़ी के ड्राइवर को नहीं दी जाती। प्रिंस डुबारा आकर अपनी गाड़ी में अपनी वाइफ के साथ बैठ जाते हैं और हॉस्पिटल की तरफ रवाना हो जाते हैं। दूसरी जानब गैवरीलो प्रिं
07:43मोड़ता है उसी मोड़ पर जहां गैवरीलो प्रिंसिप खड़ा है। वोरी तोर पर स्टाफ ड्राइवर को शेडियूल के बारे में बताता है और गाड़ी को टरन करके हॉस्पिटल जाने का कहता है। रिवर्स करते हुए गाड़ी की रफतार काफी सलो हो जाती है और गै
08:13अच्छा तक पहुंचती है तो वो घुसे में आकर सर्विया पर हमला कर देता है। दूसरी जानेब रशिया जो पहले से ही सर्विया को सपोर्ट कर रहा था उसने समझा कि शायद आस्ट्रो हंगेरियन एमपाइर सर्विया पर कबज़ा करना चाहता है। इसलिए वो सर्व
08:43रहने का इरादा कर रहा था वो भी रशिया के साथ मिलकर जर्मनी पर हमला करता है। आटोमन एमपाइर को कमजोर करने में फ्रांस और रशिया का बड़ा हाथ था इसी वज़ा से वो जर्मनी की सपोर्ट में अपने हथ्यार निकाल लेते हैं। युनाइट किंडम जिसने �
09:13वर्ल वार वन का आगाज हो जाता है। कहा जाता है कि अगर उस दिन प्रिंस की गाड़ी ये रॉंग टन ना लेती तो शायद उसकी मौत नहीं होती और यूँ वर्ल वार वन शुरू होने का मौका नहीं मिल पाता।
09:26सिर्फ एक जान जाने की वजा से World War 1 में 4 करोर लोग मारी गए
09:32और जंग की वजा से जो मिलिटरी एक मुल्क से दूसरे मुल्क ट्राशवर हुइ
09:36उनकी वजा से जान लेवा Spanish Flu भी पूरी दुनिया में फैल गया
09:41जो 5 करोर से जाने ले उड़ा
09:44इस सब के इलावा जो पूरी दुनिया को एकनॉमिक इशूज का सामना करना पड़ा और जो फाइनेशल लॉस हुआ उसका अंदाजा लगाना भी काफी मुश्किल है।
09:53वैसे आपको एक फन फेक्ट बताता चलू के वर्ल्ड वार वन का सीज़ फाइर प्रिंस की मौत के चार साल के बाद 11 नवंबर 1918 को साइन किया गया था यानी 11 11 18 और प्रिंस आर्च ड्यूक की गाड़ी का नंबर भी 11 11 18 ही था।
10:11क्या ये वाकई कोई को इंसिडेंस है या फिर इसके बीचे भी कोई बहुत बड़ी साज़िश थी। मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताईएगा।
10:18उमीर है जैम टिवी की ये वीडियो भी आप लोग भरपूर लाइक और शेयर करेंगे। आप लोगों के प्यार भरे कॉमेंट्स का बेहद शुक्रिया। मिलते हैं अगली शानदार वीडियो में।
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