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  • 2 weeks ago
Dil mein ajeeb khauf utar aaya – ‘Kal tak hasta bolta… aaj bejaan
Transcript
00:00हमजा एक आमसा नौजवान था, मगर उसके सपने बड़े थे
00:05दिन भर मोबाइल, दोस्त, सोशल मीडिया और नमाज अक्सर टाल दी जाती
00:13मा रोज कहती, बेटा, वक्त पर नमाज पढ़ लिया करो, जिन्दिगी का कोई भरोसा नहीं
00:22हमजा हंसकर कहता
00:24अमी, अभी बहुत वक्त है
00:26एक शाम दफ्तर से लोटते हुए जोड़दार बारिश हो रही थी
00:35सड़क पर ट्रैफिक जाम था
00:38हमजा गाड़ी में बैठा मोबाइल देख रहा था कि अचानक तेज आवाज आई, हादसा
00:45सामने एक मोटर साइकल ट्रक के नीचे आ चुकी थी
00:50लोग चिला रहे थे, एम्बिलेंस बुलाई जा रही थी
00:54हमजा गाड़ी से उत्रा, पास गया
00:58चहरा देखा तो सांस थम गई
01:01वह उसका पुराना दोस्त जैन था
01:04दिल में अजीब सा डर उतर आया
01:08कल तक हंस्ता बोलता
01:10आज बेजान, उसी पल मगरिब की अजान गूंजी
01:15बारिश, अंधेरा, शोर
01:19लेकिन अजान दिल तक पहुँच गई
01:22हमजा ने आस्मान की ओर देखा
01:25और दिल ही दिल में कहा
01:26या अल्ला, अगर आज मेरी बारी होती तो
01:30उसी समय सफेद दाड़ी वाले एक बुजर्ग पास आए
01:35और धीरे से बोले
01:36बेटा, अल्ला कभी अचानक बुलाता है
01:40तैयारी कभी अचानक नहीं होती
01:41या बाद दिल में तीर की तरह लग गई
01:45हमजा ने घड़ी देखी
01:48जमात में बस तीन मिनट बाकी थे
01:51वह बारिश में दौड़ता हुआ मज़िद पहुचा
01:55वुजू करते समय हाथ काप रहे थे
01:58आखों में आसू थे
02:00सजदे में जाकर बाद दूट गया
02:03या अला आज समझ आ गई मैं खाली हूँ
02:08मुझे भर दे
02:09नमाज के बाद दिल हलका था
02:14जैसे बोज उतर गया हो
02:15मस्द से निकला तो बारिश रुख चुकी थी
02:19घर पहुचकर उसने मा के कदम चुमे
02:23अम्मी आज आपकी बात समझ आ गई
02:26दूआ करे कि मैं साबित अंद रहूँ
02:30मारो पड़ी
02:32बेटा अल्ला ने आज तुम्हे नहीं
02:34तुम्हारे दिल को जिन्दा किया है
02:36जिन्दगी लंबी नहीं
02:41मुहलत होती है
02:42और कभी कभी
02:44सिर्फ तीन मिनिट इंसान को
02:47जहनम से जन्नत की तरफ मोड देते हैं
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