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  • 1 week ago
हम अपने जीवन में कई समस्याओं का सामना करते हैं और उनको हल करने के विचार करते रहते हैं। परंतु कई बार मन में इतने विचार आने लगते हैं कि उन विचारों से चिंता होने लगती है, “अब आगे क्या होगा?, कैसे होगा?” तब प्रश्न यह होता है की भविष्य की कितनी प्लानिंग करें जिससे चिंता से मुक्ति पा सकें।
Transcript
00:00प्लान करने के आपको राइट है
00:29कि सोच आपका कोई प्रोजेक्ट है उसका प्लान कर रहे है तो प्लान सिर्फ करो
00:35और उसके बारे में प्विश्य का सोचने का कहां तक का आपको राइट है
00:39कि प्लानिंग का प्लानिंग करते हैं तो उसका क्या सोच के सब आप प्रोजेक्ट बनाते है
00:45लेकिन वह प्लानिंग को यहां तक मत सोचो
00:49कि जो आपको चिंता में ले जाए
00:52वो ट्विस्ट होने लगे, थॉर्ट्स
00:55थॉर्ट्स का त्विस्टिंग होने लगे
00:58तब उसको तॉप कर देओ
01:02स्मूद्ली थॉर्ट्स रहे
01:04महा तक ठीक है
01:05फिर twisting होने लगे, वरीख होने लगी,
01:09tension होने लगा,
01:10then you stop that thing.
01:13तो मही तो फिर अचिंता में परिणम हो जाएगा उसका.
01:18विचार महां तक के ही limit रखो.
01:23आपका कुछ प्रोजेक्ट रहा, उसका प्लानिंग करने का रहा तो.
01:27फिर उसका जो आपको
01:28tension शुरू हो गया, बरीख शुरू हो गया, तो फिर stop करो.
01:33Now no more planning.
01:35अभी यहां तक रखो, फिर आगे आगे दिखा जाएगा.
01:39करके वहां उसको छोड़ दियो.
01:41ऐसा नहीं करोगे तो आपको फोरण ही, तुरंत ही आपको चिंता,
01:45टेंशन शुरू हो जाएगा.
01:46और जो भी कुछ होगा, ultimate आपके हाथ में तो नहीं है.
01:53आपने कितनी बाहर experience किया होगा आपकी life में.
01:57कि आप जैसा सोचते हो, जैसा प्लान करते हो, उस हिसाब से वर्काउट नहीं होता है.
02:02कभी-कभी होता भी है, तो आपको लगता है, को मेरा planning कितना perfect था,
02:07उसके हिसाब से वह, I am perfect planner, organizer, perfect organizer.
02:13तो वह, हाँ, वह फिर वह ego आ जाता है.
02:18तो उपचड़ जाता है उपर उसका ego.
02:21और जब उसका plan के मुताबित नहीं होता है, fail जाता है,
02:26तो उसका ego एकदम depression में जाता है, down हो जाता है.
02:29अब ऐसा जब अपनी planning के मुताबित, अपनी मर्जी के मुताबित, कितनी बार नहीं होता है, देखो.
02:38जब पाँच बार, दस बार, पच्चीस बार अपनी life में अपनी मर्जी के मुताबित नहीं हुआ,
02:43तो बात आप समझ लो, कि यह हमारे हाथ की बात नहीं है, यह जीवन में जो कुछ भी होता है, is not in our hands.
02:52this is all
02:55किसी के हाथ में नहीं है
02:56इसके हाथ में उसके हाथ में
02:58उपर वाले के हाथ में अंदर वाले के हाथ में
03:00इदर वाले के हाथ में उदर वाले किसी के हाथ में
03:03नहीं है
03:03this is all
03:04circumstances which is the result of all your karmas
03:09कर्म के आगे
03:11अपने कर्म के फल के आगे
03:12किसी का नहीं चलता है
03:14तो जूफल आया तो correct है, accept करेंगे तो आपको जरा भी बरी नहीं होगी
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