00:00पुत्रदा एकादशी दो हजार पचीज का वरत पोश शुक्ल एकादशी तिथी पर रखा जाता है, जो संतान सुख, उसकी उन्नती और जीवन की बाधाओं के निवारण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल तिथी को लेकर श्रधालूं में भ्रहम की स्थिती �
00:30पुत्रदा एकादशी का वरत रखेंगे, उनका पारण एक जन्वरी दो हजार चबबीस की सुभह किया जाएगा। पुत्रदा एकादशी का वरत निर्जल या फलाहार दोनों रूपों में किया जा सकता है। इस दिन भगवान विश्णू और माता लक्षमी की पूजा का
Be the first to comment