सवाईमाधोपुर.जिले में नए साल की शुरुआत किसानों के लिए खुशियों का संदेश लेकर आई है। अलसवेरे से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने खेतों में नई जान फूंक दी है। आसमान में बादलों का डेरा और मावठ ने गेहूं, चना, सरसों जैसी रबी फसलों को संजीवनी दी है। खेतों में हरियाली और नमी देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
किसानों का कहना है कि यह मावठ उनके लिए वरदान साबित हुई है। गेहूं की बालियों में दाने भरने लगे हैं, सरसों की फली पर चमक दिख रही है और चने की फसल भी अच्छी बढ़वार पर है। गांवों में सुबह-शाम खेतों की मेड़ों पर किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है।
मावठ से उत्पादन में होगी बढ़ोतरी
इस समय हुई मावठ से उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। खेतों में नमी बनी रहने से सिंचाई का खर्च भी कम होगा और किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। कृषि विभाग ने भी माना है कि इस बार जिले में रबी फसलों का रकबा अधिक है और मौसम की अनुकूलता से पैदावार बेहतर रहेगी। मावठ से मिली इस राहत ने न केवल किसानों को खुश किया है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा का संचार किया है। सीजन की पहली मावठ, ठिठुरन से जनजीवन प्रभावित जिले में सीजन की पहली मावठ गुरुवार को हुई। अलसवेरे से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने जहां खेतों को संजीवनी दी, वहीं ठंडक ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। आसमान में बादलों का डेरा और लगातार बरसती बूंदों ने मौसम को अब तक का सबसे सर्द बना दिया। दूसरी ओर, ठंडक और बारिश से आमजन को ठिठुरन का सामना करना पड़ा। सुबह से ही लोग अलाव तापते नजर आए। बाजारों में भीड़ कम रही और लोगों ने घरों में दुबककर दिन बिताया।
गाजर की गुणवत्ता और मिठास बढ़ेगी
जिले में हुई मावठ से रबी फसलों के साथ-साथ सब्जियों को भी बड़ा लाभ मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से सब्जियों की बढ़वार में भी सुधार देखा जा रहा है। विशेष रूप से गाजर की फसल पर मावठ का असर साफ दिखाई दे रहा है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है, जिससे गाजर की गुणवत्ता और मिठास में इजाफा होगा। खेतों में गाजर की जड़ों का आकार बेहतर हो रहा है और स्वाद भी पहले से अधिक मीठा होने की उम्मीद है।
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