00:00नमस्कार मैं हूँ सुपरतिम बेनर जी और आप देख रहे हैं वारदात
00:06किसी भी इनसान के लिए उसका घर ही दुनिया की सबसे महफूज जगह है
00:11लेकिन जरा सोचिए अगर किसी को जीते जी खुद उसी के घर में कैद कर दिया जाए
00:16और कैद भी ऐसा वैसा नहीं बलकि अंधे तैखाने में पूरे पांस सालों तक
00:21ये कहानी है यूपी के महुबा की जहां एक बाब बेटी के साथ खुद उन्हीं लोगों ने साज़िश का खेल खेला जिन पर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी थी
00:30दोनों सालों साल कैद में रहकर भोजन पानी और रोशनी की कमी से जीते जी जिन्दा कंकाल बन गए
00:41महुबा सिटी के हिंद टायर वाली गली में मौजूद इस साधरन से दिखने वाले मकान ने एक ऐसी भयानक कहानी उगली है जो किसी की भी रूह कपा दे सकती है
00:51ये तस्वीरें इसी मकान के अंदर मौजूद एक तहखाने की हैं तहखाने में इस वक्त खुप अंधेरा है कुछ भी साफ साफ दिखाई नहीं दे रहा है
01:01लेकिन इसी अंधेरे में एक महिला समेट कुछ लोगों की आवाज सुनाई देती है
01:06अब महिला आगे बढ़कर एक स्वीच आउन करती है
01:09इसी के साथ कमरे की लाइट जल उटती है
01:12फिर महिला वापस मुटती है और बेड़ पर रखी रजाई हटाती है
01:17पहली नजर में ही ये बेड़ इतना गंदा और सीलंग भरा दिखता है
01:21कि उस पर किसी इनसान के सुने या आराम करने की बात तकरिबन नामुम्किन सी लगती है
01:27लेकिन जब महिला उसी बिस्तर पर रखे कंबल और लिहाफ की परतों को अपने हाथों से हटाती है
01:34तो अंदर जो कुछ दिखता है उससे वहां मौझूद सारे के सारे लोगों की मानूस सांसे ही अटक जाती है
01:40नीचे की हालत देखकर खुद कंबल हटाने वाली महिला की मुह से चीखें निकल जाती है
01:46किसी जिन्दा इनसान का ऐसा रूप इस से पहले शायद ही कभी किसी ने देखा
01:53असल में तैखाने में पड़े इस गंदे विस्तर पर लिहाफ और कंबल के नीचे लोगों को जो कुछ नजर आता है
02:00उसे इनसान कम बलकि जिन्दा कंकाल कहना ही ज्यादा सही
02:05असल में उस इनसान के शरीर में मांस नाम की कोई चीज है ही ने
02:10अगर कुछ है तो वो है सिर्फ और सिर्फ हड्डियों का धाचा और उस पर लिप्टी इनसानी चमड़े की एक जीनी सी परद
02:19सितम देखिए इनसान खुद तो हड्डियों का धाचा भर रह गया है
02:26उपर से उसका पूरा का पूरा जिसम ही नगन है यानि बगएर कपड़ों के है
02:31हालत ये है कि सही भोजन, रोशनी, इलाज और दूसरी इनसानी जरुद की चीजों की कमी से
02:38जिन्दा कंकाल में बदल चुके इस इनसान को देखकर
02:41ना तो उसे पहचान पाना मुम्किन है और नहीं उसकी उम्र का सही सही पता लगा
02:47एक बार गी उससे देखकर लगता है जैसे वो उम्र के आखरी बढ़ाव पर मौजूद कोई बहुत बज़र्ग महिला है
02:54जो सही देखभाल की कमी से इस हालत में पहुँच गई है
02:58लेकिन वहां मौजूद लोग इस जिन्दा कंकाल को देखते ही पहचान लेते हैं
03:04और उसकी उम्र बताने लगते हैं
03:06असल में हट्डियों के धांचे में बदल चुकी ये महज 26-27 साल की एक लड़की है
03:11नाम है रश्मी
03:13जो खुद उसी घर की वारी से जिस घर के तहखाने में फिलाल ये इस हालत में कैद है
03:20अब आईए आपको ऐसी ही एक और तस्वीर दिखाते हैं
03:26ये तस्वीर भी उसी तहखानी की है
03:28और तस्वीर में भी ठीक कंकाल में तबदील उस लड़की की तरह एक शक्स सीलन भरे कंदे बिस्तर पर लेठा नजर आता है
03:36ये शक्स भी इनसान कम और हड़ियों का धांचा ज्यादा लगता है
03:41बस रश्मी और इस शक्स में फर्क इतना है कि रश्मी अभी जिन्दा है
03:46और ये शक्स भोजन इलाज और देखभाल की कमी से अभी अभी इस दुनिया से जा चुआ है
03:53यानि तहखाने में मौझूद हड़ियों के दो ठांचों में से फिलहाल एक जिन्दा है
03:58और दूसरा सचमुच के कंकाल यानि लाश में तबदील हो चुकी है
04:03अब इस से पहले कि आपको दर्द में लिप्टी ये पूरी कहानी सिलसिलवार तरीके से सुनाएं
04:10आईए सबसे पहले ठीक से दोनों की पहचान कराय देते हैं
04:14बिस्तर पर कंबलों के नीचे भूख प्यास से तिल तिल कर मरने वाले इस शक्स का नाम है ओम प्रकाश राठोर
04:21जबकि पिता की लाश के पास बस किसी तरह जिन्दा बची रश्मी राठोर सहब की बेटी है
04:28सतर साल के उम प्रकाश राठोर कभी रेलवे में अधिकारी हुआ करते थे
04:33भरा पुरा परिवार था बीवी बेटी साथ रहते थे
04:37लेकिन धीरे धीरे वक्त ने ऐसी पल्टी मारी कि राठोर सहब की पत्नी की मौत होगे
04:42और बाप बेटी अखेले रह गये
04:45राठोर सहब की लास्ट पोस्टिंग राजस्थान में थी
04:48लेकिन रेटायर्मेंट के बाद उन्होंने अपने होम स्टेट यानी यूपी में ही सेटल होने का फैसला किया
04:54महुबा के शहर कोतवाली इलाके में मकाम बनवाया और नई शुरुआत की
04:59मगर तकदीर का खेल देखिए कि रेटायर्मेंट के महज एक साल बाद यानी दो हजार सोला में ही उनकी पत्नी की मृत्यू हो गया
05:08इसके बाद उन प्रकाश राठोर और उनकी बेटी अकेले रहने लगी चुकि उनकी बेटी रश्मी को पहले से ही कुछ दिमागी परिशानी थी
05:18राठोर के लिए उसका ठीक से ख्याल रख पाना मुश्किल हो रहा था
05:22लिहाज़ उन्होंने राम प्रकाश कुश्वाहा और उसकी पत्नी राम देवी को अपने पास रख लिया
05:28अब दोनों राठोर बाप बेटी के साथ ही रहते थी उनका ख्याल रखते थी
05:32लेकिन धीरे धीरे यही देखभाल एक खौफनाक साजिश में बदल गी
05:37आरोप है कि नोकर तंपती ने पुरा मकान अपने कबजे में ले लिया
05:41उपर के कमरों में खुद एशो आराम की जिन्दगी जीने लगे
05:45और नीचे के कमरों में बाप बेटी को बंधक बना दिया गया
05:48ना खाना ठीक से ना इलाज और ना इंसानी व्योहार
05:53जो हाथ भुजब की सेवा के लिए रखे गए थे
05:56उन्ही हाथों ने उन्हें दाने दाने के लिए दरसा थे
05:59जब भी कोई रिष्टेदार इनसे मिलने आता तो नोकर बहाना बना दे दे
06:05साहब किसी से मिलना नहीं चाहते
06:07दरसल साहब मिलने की हालत में थे ही ने
06:11हमारे बड़े भाई सब रेलवे में थे वो 2015 में रिटाइड हो गए और 16 में पत्नी उनकी एक्सपायर हो गए और उसके बाद यहां आकर वो रहने लगे हमारे घर रहे दो साल फर उनने अपना मकान बनवा लिया एंटाइर गळी नहीं हुआ हुआ तिकी में सबसे आखी रहा
06:41रामप्रकास को सवाहाजी को और इनकी पत्नी को भीविम्री में यह अपना जो है उस पे कबजा करने लगे मकान में लालच के उससे और वह इस इस्टिती में आ गए कि इलाज के लिए अस्पताल एक बार दिखाया मातर एक बार गए दोबारा हमने कहा जाकर जिए दोबार
07:11कि वह खुद नहीं बता सकता इनको ताला लगा के जाना चाहिए और रात में खतब हो गए हैं और हमारे पर्चित के बिलवई चुंगी में राजु महराज रहते हैं उनके दमाद इनके बगल में रहते मारे वड़े भाई सब को उनको तुम बता रहे हो कि बाबुजी खतम
07:41निकली बिए बहार हमें दो साल से नहीं दखाई दिये बहार आप जब जानकारी हों पता पर रहे कि खतम राट के बाई हैं और भाईय चुन वहां बहाया है नहीं का वह आया हमारे पास वह वह द्वागी भागी यह पीछे से देवाल से भागी यह बहार अंदर जागे दि
08:11इसके बाद 29 दिसंबर को एक आएक ओम प्रकाश राठोर के मौत की खबर मिली असल में ओम प्रकाश के भाई अमर सिंग राठोर भी महुबा में ही रहते हैं
08:38लेकिन नौकरों ने साजिशन पिछले करीब पांच सालों से दोनों भाईयों को एक दूसरे से कुछ इतना दूर कर दिया था कि उन्हें किसी की खबर ही नहीं थी
08:48और समझा जाता है कि पिछले पांच सालों से ही नौकर दंपत्ती ने बाप बेटी को उनके अपने ही मकान में भूखा प्यासा कैद करके छोड़ दिया था
08:58जबकि बुढ़े हो चले राठोर साहब न तो खुद को संभाल सकते थे और नहीं उनकी मानसिक रूप से बिमार बेटी ही अपना और अपने अधिकारों की बात कर सकती थी
09:08ओम प्रकाश राठोर के मौत की खबर जब उनके रिष्टेदारों के घर पहुची तो जो मंजर सामने दिखा उसे वो जिम्दगी भर नहीं भूल सकेंगे
09:38कंबल के अंदर नग नवस्था में रखे चार महीन हमसे कहते हैं कि दो टेम दो रोटी खाती होती दो तो यह एक हड़ी नहीं दिखाई देती और ऐसे यह बड़े भाई की आप सरी देख लिए क्या लग रहा है आपको हमको यह लग रहा है कि मकान की लालच में मकान हड़�
10:08कि बाउजी खतब हो गए उतना ही टेम फॉन करके हमें बताना चाहिए ना क्या चाहिए कि आप पूरे मामले में क्या चाहिए कि बोल नहीं रहे हां चल लाए आखे चल लाए आखे चल ले गए
10:21सत्तर साल का एक घुजुर जिसका शरीर पूरी तरह सूख चुका था जैसे महीनों से वो भूख प्यास से तड़प रही और उसी घर में अंधेरे कमरे में नगना हालत में पड़ी उनकी वेटी रश्मी
10:3527 साल की रश्मी को उसी भूख ने 80 साल की बुढ़िया बना कर छोड़ दिया था
10:41जिस भूख ने उसके पिता उम प्रकाश राठोर की जान ले लूँ शरीर पर मांस का नामो निशान नहीं था सिर्फ हड्डियों का धाचा बार था जिसमें किसी तरह सांसें चल रही थी
11:05यह और बात है कि बुजब पिता और उनकी बेटी को उनहीं के खर में भूखा प्यासा करीब 5 सालों तक तैखाने में कैद रखने वाली नौकर दंपत्ती फिलहाल गायब है
11:15लेकिन साजिश की इन तस्वीरों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है
11:20इन लोगों ने भूखा प्यासा रखा भईया नको और केद रखे थे नहीं को मिलने दिया जाता तक तार अलगा कि देन देन बरगाव रहती थी हम लोगों ने बहुत कोशिस कि इनके घर में आने जाने की तिक है थी कि में बहार हूं मैं जर्खारी महूं और सामको आना सि�
11:50सब्सक्राइब कर देख रहा है अभी मेरे साथ है और अभी मैं लेने जए गई जब दिया को तो नहीं आने दे रहे थी लड़का याद में और तीन लोग छीन रहती मेरे हाथों से इस तरीके से क्यों कर रहे दी लोग क्योंकि लाला शूगर लोगों को उनको यह लगाओ�
12:20प्रकाश राठोर और उनकी बेटी का ख्याल रखने वाली राम देवी ने कथी तौर पर अपने फरार होने से पहले उल्टार राठोर के रिष्टेदारों पर ही सवाल उढ़ाए
12:42राम देवी का कहना था कि न तो ओम प्रकाश राठोर अपना ख्याल रख सकते थे और नहीं उनकी बेटिया रश्मी ऐसे में उन्हीं पती पत्नी को दोनों का ख्याल रखना पड़ता था जबकि दोनों के रिष्टेदार कभी इधर ज्छांकने भी नहीं आते थे
12:56राम देवी का कहना है कि ओम प्रकाश ने जीते जी अपनी मर्जी से अपनी बेटी की जिम्मेदारी और अपना ये मकान उनके नाम लिख दिया था
13:26पता लेनी लेजाएं लड़की के तो कम जूरोगी भुखा ता अभी लग गई लग गई और हमाई पस नम्माबाला ना हम पढ़े लेखे हमाई आदमी सीधरे हम सीधरे हम से रखे हैं नहीं तो हम साजी नहीं तो हमें भी रख से भागा जिते हटा देते हैं जे करो ना ल�
13:56हमाई पूरी लखन गए हैं वह और हम अलावा कोई लड़की की सेवा नहीं करेगा हम सेभाते और जुम्मेबारी हमें द्रे अखे लड़की हैं हमारे बहारा हो प्र्ष्रतमृ
14:26तो मैं भाई नहीं सोचा, तो मैं आते तुम्हारे भाई भतेजे होटे, तौम रह जाते सेवा कुसा मत काते नहां भी काते, खाना खेलाते हैं, अहां में लोगलालत नहीं रहो भाई
14:35हमाँ बच्ची की वीडियो वाइरल हो रही बिल्कुल बिना कपड़ों की हाँ परिवार कारों के आपके एक बार लिंकर तिंटी ने का अपनी ना देती तिसलिए वो कंजोर हो गई तो कुछ भी के सका थी तो मार गया है उनकी गमी हो वे तभी सब कुछ लगाते है हमाई मार
15:05हमारी अस्तियत आ गई आज हमने इतनी सेवा की इसकी पुरा मोहल के सब लोग बता के हैं कि हमने कितनी सेवा करी उनके कैसे हम राखते हैं आज भी खतम हो गया था इन पोपार्टी के लाने आ गए तो हमारे भाई हैं और हमें मिलो चाहिए पोपार्टी सभी और हमाई लड
15:35सान इतना नीचे गिर सकता है क्या कुछ पैसों मकान और बैंक बैलेंस के लिए कोई किसी को इस हद तक तरपा सकता है रिष्टेदारों का आरूप है कि नौकर दमपत्ती ने संपती की लालज में पूरी प्लैनिंग के साथ ओम प्रकाश सिंग राठोर और उनकी बेटी को म
16:05रश्मी को अपने साथ रखना चाहते हैं लेकिन शायद अब बहुत देर हो चुकी है
16:10जाहिर है ये कहानी से फेक परिवार की कहानी नहीं है ये समाज के लिए एक छेतावनी है क्यूंकि जब-जब हम चुप रहते हैं अपनों से कट जाते हैं तो हैवानियत को ताकत मिलती है
16:24नाही दंसारी महूबा आज तक
16:29उत्रखंड में पढ़ने वाले MBA स्टूडेंट एंजल चकमा पर जान लिवा हमला हुआ था बाद में अस्पताल में उसकी जान चली गई
16:38इसके बाद एंजल के कटल की वजहों को लेकर सवाल उठने लगे इसे एक नसल भेदी हमले का नतीजा बताए गया
16:44लेकिन अब देहरादून पुलिस ने एंजल की मौत को लेकर जो दावा किया है वो बिलकुल नया है
16:50देश में कुल 28 राज्जे और 8 केंडर शासित प्रदेश हैं
16:57हर राज्जी की अलग पहचान, अलग संस्कृति, अलग नाम है
17:00पर है ये सबी हमारे देश का हिस्सा ही, बलकि इनसे ही तो हमारा देश विवित्ता में एकता वाला हिंदुस्तान कहलाता है
17:09इस जगे पर भारत की आबादी का साड़े चार फीस दी यानि लगभग साड़े पांच करोड लोग रहते हैं
17:15और ये हैं सेवन सिस्टर्स कहे जाने वाला पूरा नौर्ट इस्ट इंडिया यानि भारत का पूर्वोतर शित्र
17:23अरुनाचल प्रदेश, असम, मिघाले, मनिपुर, मिजूरम, नागालेंड और त्रिपुरा
17:29और इसी त्रिपुरा के एक होनहार बच्चे की मौद इस वक्त देश में सुर्खियां बने गी है
17:36ये हैं एंजल चक्मा, है नहीं बलकि थेव
17:51एंजल चक्मा को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो देश के बाकी लोगों की तरह नहीं दिखते
17:57उनकी सूरत, उनकी बोली, भाशा, रंग, रूप हमसे थोड़ी अलग है
18:02सिर्फ इसलिए एंजल चक्मा को मार दिया गया कि उन्होंने उनके भारतिय होने पर हो रही टीका टिपने का विरोध किया
18:09सिर्फ इसलिए पीट-पीट कर एंजल की जान ले ली गई कि वो भारत के उस हिस्से से आते हैं जहां के लोग हम और आप जैसे नहीं दिखते
18:189 दिसंबर को एंजल चक्मा और उनके भाई माइकल चक्मा कुछ सामान लेने बाहर दियो थे
18:24वहें पास की शराब के ठेके पर खड़े लड़कों के ग्रूप ने एंजल और उनके भाई माइकल पर उनके रंग रूप को लेका टिपनी थे
18:33पहले तो उन्होंने इसे नजर अंदास किया मगर जब वो लड़के बार बार उन्हें परिशान करने लगे तो माइकल चक्मा ने उनसे कहा कि वो ऐसा ना करे वो लोग भी भारतिया है
18:43और इस तरह के टिपनी से उन्हें परिशानी होती है लेकिन उन लड़कों ने फिर भी एंजल चक्मा और उनके भाई को परिशान करना नहीं छोड़ा
18:51ये लड़के एंजल चक्मा और उनके भाई को चाइनीज, चिंकी और मोमो कहकर उनके साथ बुरी तरह पेश आ रहे थे
18:58विरोध करने पर सबसे पहले शराब के नशे में धुत लड़कों ने माइकल चक्मा को पीटना शुरू कर दिया
19:05एंजल जब अपने भाई को बचाने आये, तो उन्होंने एंजल चक्मा को ही अपना निशाना बना लिया
19:10उन लड़कों ने एंजल चक्मा के गले पर सबसे जादा वार किये, चाक्मों से उस पर ताबर तोड हमला कर दिया
19:16एंजिल को तब तक पीटा जब तक वो बेसुद नहीं हो गया
19:19उसके बाद दूनों भाईयों को जान से मारने की धमकी देकर वहां से चली गया
19:24अपने भाई की ऐसी हालत देखकर माईकल परिशान हो गया
19:28जैसे दैसे उसे पास की ग्राफिक एरा उस्पताल में भरती करवाया
19:58जैसे दिते चाओ मारते हैं
20:06कशाओ को स्टी एक को इस हमले में गमْभीर चोटे आए होटी रिकी हमला गया
20:13एंजल के दाहिने आंग ने काम करना बंद कर दिया हम्ले में गड justement की हड़ी पर बीगम्भीर चुट
20:19गर्दन की हड़ी तूट गई, इतनी बेरहनी और देर तक हमला होने की वज़े से एंजल का काफी ज़्यादा फूंगर चुपा था
20:26येसी ग्राफिक एरा अस्पताल की बेडिकल रिपोर्ट है
20:29कुछ दिन इलाज के बाद एंजल चक्मा को बचाया नहीं जा सका
20:33सत्रा दिनों तक जिन्दगी की जंग लड़ने के बाद 26 दिसंबर की सुपह एंजल चक्मा की मौत हूँ
20:40एंजल चक्मा देरदून के जग्यासा युनिवरसिटी में एंबिय की पढ़ाई कर रहा था
20:47जबकि छोटा भाई माइकल उत्रांचल उनिवरसिटी में पढ़ता है
20:51खाल ही में एंजल की एक अच्छी कंपनी में नौकरी लगी थी
20:54वो जिन्दगी की नई शुरुवात करने की तयारी कर रहा था
20:58पढ़ाई में अवल एंजल चक्मा इतना हूनहार था
21:01कि एक ही दिन में तीन तीन इंटर्व्यू में पास होकर नौकरी पाले
21:05जिन्दगी की नई शुरुवात से पहले ही एंजल चक्मा के जिन्दगी खत्म हो गई
21:10शर्म की बाद तो ये है कि हत्या के बाद ये सभी लड़की पास के ही एक दुकान पर पाटी करते नज़र आए
21:16एंजल के हत्या के मामले में छे लोगों पर आरोप लगे
21:21पुलिस ने अफायार दर्श कर पांच आरोपियों को गिरफतार कर लिया
21:24जब कि हत्या का मुख्यारोपी नेपाल भाग गया
21:27मुख्यारोपी यग अवस्ती नेपाल का रहने वाला है
21:30जिसे पकड़ने के लिए पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई
21:33मुख्यारोपी पर एक लाख का इनाम भी पुलिस में रखा है
21:36109 अटम टुम अडर की सेक्शन्स को भी तर्टाल उसमें इंक्रीस किया गया और अभी गड़ को इसी में टाइम जो अलग टीम मराई गे थी उन्हों
21:44अगले दिन वहां से निकल गया था तो उसके लिए हमारी टीम लगी है चुक्कि नेपाल एक इंट्रेशनल बांडरीस है तो उसके बहुत सारे प्रोटोवाल कंवेंशन्स होते हैं उसको देखते हैं वहां कोडिनेशन बना हुआ है
22:03साती साथ अभी तक जो सूचना है उसमें ये भी है कि वो निकटवर्ती किसी नेरभाई बार्डरिंग एरियास में भी छुपा हो सकता तो हमारी डेडिकेटेड टीम लगी हुई है इसमें रिवार्ड भी पुलिस मुख्याले से जो है एक लाका कर दिया गया हूं सभी जग
22:33क्या नहीं मानते हुए दो गुटों के बीच की लड़ाई का नतीशा बताया पुलिस का कहना है कि हत्या करने वाले ग्रूप में दो आरूपी खुद मनिपुल और नेपाल के रहने वाले हैं
22:43वजय चाहे जो भी हो लेकिन हत्या को किसी भी सूरते हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता
23:10एंजल चक्मा की हत्या करने वालों को सक्त सक्त सजा मिलनी चाहे इंसान चाहे भारत के किसी भी हिस्से का हो या भारत का ना भी हो
23:19रंग, रूप, जाती, धर्म, भाशा, संस्कृती के आधार पर इस तरह हुरही हत्याओं को कतई बर्दाश्ट नहीं किया जा सकता
23:27सुपरतीम बेनरजी के साथ मनीशा जा आज तक
23:31तो वारदात में फिलाल इतना ही लेकिन देश और दुनिया की बाकी तमाम खबरों के लिए आप देखते रहें आज तक
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