प्रयागराज का माघ मेला (Magh Mela) जो कभी कल्पवासियों के कठोर त्याग और अध्यात्म का केंद्र था, अब वह सोशल मीडिया के लिए एक 'लॉन्चपैड' बन चुका है। महाकुंभ में माला बेचने वाली 'मोनालिसा' (Monalisa) के मशहूर होने और उसे बॉलीवुड फिल्म मिलने के बाद, अब संगम तट पर 'मॉडल' बनने का नया क्रेज दिख रहा है। आस्था के इस संगम पर अब मंत्रों से ज्यादा कैमरों की आवाज सुनाई दे रही है।
Following the viral success of Monalisa at the Prayagraj Maha Kumbh, two new girls Afsana and Basmati have become the center of attraction at the Magh Mela. While one claims to be a relative of Monalisa, the other is struggling to sell her goods amidst a sea of selfie-seekers and vloggers. This report explores how social media fame is overshadowing the spiritual significance of the Magh Mela.
00:00संगम की रेती पर जहां कभी मोक्ष के तलाश होती थी और श्रद्धालू अपनी देह के साथ साथ आत्मा को शुद्धगरने आते थे वहाँ अब रील और रीच की तीज तलाश हो रही है
00:20प्रियागराज का माग मिला जो कि कभी कलपवासियों के कठोर त्याग अध्यात्म की गहराई और हमारी प्राचीन संस्कृति का तरपन हुआ करता था अब वो वाइरल होने का नया लाँच पैड बन गया
00:32महा कुम्भ में माला बीचने वाली मौना लेसा क्या मशूर हुई और उसे बॉलिवुट फिल्म का आफर क्या मिला अब तो मानो संगम के तट पर माला बीचने का धंधा कम और मौडल बनने का क्रेज ज्यादा हो गया
00:45भक्ति और शद्धा के इस केंदर में अब मंत्रों के चाप से ज्यादा कैमरों के शटर की आवाजें बूंच रही है
00:51और ये बदलाव हमारी सामाजिक सोच पर एक तीखा का टाक्ष भी बन गया
00:55महाकुम्ब के बाद माग मेले में मौनालिसा की दो उत्राधिकारी चर्चा में हैं चर्चा के केंदर में हैं
01:01पहली हैं अफसाना पवार जोकी मध्यप्रदीश के खंडवा से आई और संयोग देखिए कि वो भी मौनालिसा की रिष्टेदार है
01:08संगम नूज के पास अब अफसाना माला बीचने जब निकलती है तो श्रत धालों की भीड माला खरीदने के लिए नहीं बलकि उनके साथ सेलफी लेने के लिए तूट पड़ती है
01:18जस्थिती ये है कि लड़कों की टोलियां उन्हें घेल लिती है और देखते ही देखते आध्यात्मिक में लक्षेत रो किसी सेलिबरिटी के रेट कार्पेट में बदल जाता है
01:26अफसाना खुद को मोनालिसा से कम भी नहीं मानती और लोग भी उन्हें नई मोनालिसा का खिताब देने में पीछे नहीं रहे
01:33यह विड़मना है कि जिस मेले में लोग सादगी और वैराग्य सीखने आते हैं वहाँ अब सादगी को भी मेकप और कैमरी के फ्रेम में तौल कर वैरल किया गया
01:41वहीं दूसरी और चर्चा में हैं बासमती जिनने कुछ लोग सपना कहकर बुला रहे हैं
01:46बासमती सिर्फ माला ही नहीं बलकि दातून भी बीचती हैं लेकिन उनकी कजरारी आँखे और चेहरे का अनूखा मेकप, मीडिया और सूशल मीडिया इंफुलेंसर स्किल के बड़ा कॉंटेंट बन गया
01:57बासमती की नाक में तीन नत और कान के कुंडल लोगों को इतना प्रभावित कर रहे हैं कि उनकी कमाई ही रुक गई
02:04वे खुद कहती हैं कि लोग उनके पास दातून या माला लेने नहीं आते बलके उनका इंटरव्यू लेने और विडियोज बनाने आते हैं जिससे उनका असली काम प्रभावित हो रहा है
02:13ये कितनी बड़ी विडंबना है कि एक गरीब लड़की अपनी आजिवी का चलाने के लिए संघर्ष कर रही हैं और सोशल मीडिया की भीड़ों से केवल अपनी वियर्शिप बढ़ाने का जरिया समझ रही है
02:24ये पूरा घटनक्रम उस दोर की और इशारा करता है जहां धर्म और संस्किती अब केवल बैक ट्रॉप बनकर रह गए
02:31मुनालिसा की सफलता ने मेले में आई युवतियों की बीच एक ऐसी होड़ पैदा कर दी कि वे अपनी कला के सामने फीका महसूस करती है अपनी कला या सामान से ज्यादा अपने लोक और वाइरल होनी की संभावनाओं पर ध्यान दे रही है
02:45बॉलिवोर डायक्टर सनोज मिश्चा द्वारा मुनालिसा को फिल्म ओफर करने के बाद संगम की रेती अब टैलेंट हंट का मैदान लगती है जिस पवित्र भूमी पर कलपवासी एक महीने तक जमीन पर सोकर एक समय भोजन कर ईश्वर की अराधना करते हैं वहां अब लो
03:15काजल से कैमरा जीत ले तो वो रातो रात नैशनल क्रश बन जाती हैं यह हमारी बदलती मान सकता और विजिटल युक का वो चेहरा है जिसने आस्था के नाम पर आस्था के सबसे बड़े केंद्र को भी एक तमाशे में बदल दिया मागमेले में अफसाना और बासमती के इर
03:45और यही आज के समय की सबसे बड़ी और कड़वी सच्चाई है बहराल अब दो ये नई लड़कियां जो की मौनालिसा 2.0 के नाम से जानी जा रही है अफसाना और बासमती क्या आपने भी इनके विडियोस देखे आपकी क्या राय है पूरे मामले पर कॉमेंट बॉक्स आ�
04:15उनीज है आपकी क्या है अब घम एार्ट के अब व्याम से जानी । झांकऊ हैं च tail जार्ट कहां से लिएका भी तेक्यां झालिसम्त्य। 95 बभी और के वाम की सबसे दोSee
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