ईरान इस वक्त सिर्फ विरोध नहीं झेल रहा — ईरान टूट रहा है। देश की सड़कों पर गोलियों की आवाज़ है, घर के भीतर भूख और डर है, और सत्ता के खिलाफ खुली बगावत। पिछले कुछ दिनों में ईरान के हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब यह सिर्फ आर्थिक प्रदर्शन नहीं, एक राष्ट्रीय विस्फोट बनता जा रहा है। महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग अब सीधे सुरक्षा बलों से टकरा रहे हैं।
Iran is not just facing protests right now — Iran is breaking. There are gunshots on the streets, hunger and fear inside homes, and open rebellion against those in power. Over the past few days, the situation in Iran has worsened so much that this is no longer just an economic protest — it is turning into a national eruption. People who came out onto the streets against rising inflation and a collapsing economy are now directly confronting the security forces.
00:00इरान इस वक्त सिर्फ विरोध नहीं जिल रहा, इरान तूट रहा है, देश की सड़कों पर गोलियों की आवाज है, घर के भीतर भूक और डर है, और सत्ता के खिलाफ खुली बगावर
00:21पिछले कुछ दिनों में इरान की हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब यहां सिर्फ आर्थिक प्रदर्शन नहीं, एक राष्ट्य विस्पोल्ट बनता जा रहा है, महेंगाई और खराबर्त विवस्ता के खिलाव सड़कों पर उत्रे लोग अब सीधे सुरक्षा बलो से
00:51प्रांत इसकी चपेट में आ चुके हैं और 250 ज्यादा शहरों और कज़वों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं
00:57शुरुआत तहरान से हुई जाग्रैंट बाजार में दुकानदारों ने शटर गिरा दिये, फिर छात्र आये, फिर महिलाएं और फिर आम लोग
01:04इरान की जनता अब खुल कर कह रही है, हमारी जिन्दगी चलाना नामुम्किन हो चुका है
01:08दिसंबर 2025 में इरान मुद्रा रियाल इतिहास के सबसे निचलिस्टर पर पहुँच गई है
01:13अब अमेरीकी डॉलर की कीमत करीब 14 लाक रियाल तक जा पहुची
01:17खाना, किराया, दवाईयां सब खुछ आम आदमी की पहुच से बहार जा चुका है
01:21अमेरीकी प्रतिबंदों के दवाब पहले से ही था
01:24उपड़ से इसराइल के साथ बढ़ता तनाव अर्थ वेवस्था को और तोड़ रहा है
01:28लेकिन ये घुस्ता सिर्फ महेंगाई का नहीं, ये डर का घुस्ता है
01:312022 में महसा अमीनी की मौत ने इरान की महिलाओं पो सड़ को पर ला दिया था
01:36और 2026 में कोई एक महसा अमीनी नहीं है
01:39लेकिन हर इरानी महिला को लगता है कि अगला नंबर उसका हो सकता है
01:42ब्रेस कोर्ट, नेतिक पुलिस, हिरासत का डर और जवाब देई का आभाव
01:47इस बार आंदोलन किसी एक मौच नहीं, पूरे सिस्टम से टकरा रहा है
01:51प्रदर्शनकारियों के नारे अब सीधे सत्ता पर सवाल उठा रहे है
01:55सर्वोट चुनेता, अयातुल्ला अलिक खामनेई के खिलाफ खुले नारे लगाये जा रहे है
01:59सरकारी मेडिया या तुन प्रदर्शनों को दबा रही है या उन्हें दंगा बता कर पेश कर रही है
02:04पत्रकारों पर पाबंदिया है, इंटरनेट बंद किया जा चुका है
02:07और खुद खामनेई ने कहा है कि इन हालात से सक्ती से निप्टा जाएगा
02:11और इरान की जनता जानती है, हर सक्ती और जादा खून लाती है
02:15इसे भी चुरान के उपर युद्ध का साया भी घहराता जा रहा है
02:19दोनल्ड ट्रंप बार बार ये संकेत दे चुके हैं कि इरान को लेकर मिलिटरी आप्शन हमेशा मौचूद है
02:24मद्यपूर्वे में बड़ता तनाव इस दर को और मजबूत कर रहा है कि हालात इसी भी पल अंतराश्टिय टकराव में बदल सकते हैं
02:31तो सवाल ये नहीं है कि इरान में पदर्शन क्यों हो रहे हैं
02:34सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ शिरुवात है क्या महेंगाई दमन और डर इरान को एक और बड़े जन्विद्रोई की और ले जा रहे हैं
02:42और अगर ये विस्पोर्ट हुआ तो इसकी कूझ सिर्फ इरान तक सीमित नहीं रहेगी
03:04अबस्प्सक्षाम सब्सक्राइब को एक बड़े जalnya ये वे उन्यूद्धा रहे हैं
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