रामगढ़ कस्बे के समीप स्थित गैस तापीय विद्युत गृह में ड्यूटी के दौरान ऊंचाई से गिरने से ठेका श्रमिक की मौत के बाद क्षेत्र में रोष व्याप्त हो गया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए कार्यस्थल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग को लेकर रामगढ़ अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। मृतक की पहचान रामगढ़ निवासी नथमल पुत्र आदूराम सुथार (50) के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार नथमल परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी आकस्मिक मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर नथमल ड्यूटी के दौरान विद्युत गृह के यार्ड क्षेत्र में गया था। कुछ समय बाद एक सुरक्षा गार्ड ने उसे यार्ड के बाहर नीचे गिरा हुआ देखा। तत्काल रामगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर ऊंचाई से गिरने की बात सामने आई, लेकिन मृतक के कार्य दायित्व और घटनास्थल को लेकर ग्रामीणों ने कई सवाल खड़े किए। सूचना पर रामगढ़ थानाधिकारी भुट्टाराम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। वहीं विद्युत गृह के मुख्य अभियंता सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने आश्रित को नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग रखी। संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने रामगढ़ बंद रखा और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। जैसलमेर उपखंड अधिकारी और पुलिस उप अधीक्षक रामगढ़ पहुंचे। प्रतिनिधि मंडल के साथ मुआवजा और नौकरी को लेकर लंबी वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद धरना जारी रखा गया। प्रतिनिधि मंडल में महंत बाल भारती महाराज, किशनगिरी गोस्वामी, हुकमाराम कुमावत, अंजना मेघवाल, उम्मेदसिंह तंवर, लूणसिंह जाम, गोविंद भार्गव, कंवराजसिंह जाम, मालमसिंह, समंदरसिंह और गिरधरसिंह शामिल रहे। इधर, धरना स्थल पर जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी और निवर्तमान जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत के बाद शाम को विधायक की मध्यस्थता से समाधान निकला। सहमति के तहत मृतक के आश्रित को संविदा पर नौकरी देने और 21 लाख रुपए मुआवजा देने पर सहमति बनी। विधायक के अनुरोध पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों की पुलिस और अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा।
Be the first to comment