दिल्ली के जेएनयू में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई नारेबाजी के खिलाफ जेएनयू प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिसके मुताबिक, "किसी भी तरह की हिंसा, गैरकानूनी गतिविधि या देश विरोधी व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यालय इनोवेशन और सकारात्मक बहस का केंद्र होते हैं, उन्हें नफरत फैलाने की प्रयोगशाला में बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती"। इस कार्रवाई पर एनडीए नेता सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं। जबकि विपक्ष सरकार पर ही हमलावर है।
00:00दिल्ली के जेन्यू में पियम मोदी और ग्रह मंत्री अमिशा के खिलाफ वी नारिबाजी के खिलाफ जेन्यू प्रसाशन ने सक्त रुख अपनाये हैं जिसके मुताबिक किसी भी तरह की हिंसा, गैर कानुनी गतिविदी या देश विरोधी विवार प्रदाश नहीं किया जा
00:30सक्त कारवाई की बात कर रहे हैं
01:00कि ऐसे जो ऐसे माजिक तत्व हैं वो जेन्यू इस तरह की घटनाओं का अड़ा बनता जा रहा है उनके खिलाफ कड़ी कारवे करते हैं उन्हें कॉलिस प्रसाशन से सस्पेंड करना चाहिए
01:10सही कहा है प्रसाशन ने देखिए वो सिक्षा का मंदिर है आप सिक्षा हासिल करने गए हो अगर राजनीत कर रहे हो तो च्छातर राजनीत करो वहाँ
01:21ुआ अब आप देश के प्रधान मंतरी देश के ग्रीह मंतरी की कवर खोदने की बात कर रहे हैं उसका मतलब की आप राजनी से प्रेरित हो किसी पार्टी से संबंद रखते हो तो इस तरह की अगर हरकत करते हो तो निश्य थे कि प्रसासन कारवाई तो करेगा है
01:38वही विपक्ष सरकार पर हमलावार है और कह रहा है कि सरकार यहां भी ध्यान भटकाने का काम कर रही है
02:08और उसके कारवाई आप लोग कर रहे हैं पर मैं फिर से कहूंगी कि इस समय मुद्दे जो हैं देश के सामने जनता से जुड़े हुए मुद्दे हैं उसको प्रकरता से उठाना और सरकार से जवाब देही तैक करना यह important है और यह नारे बाजी उनको बिलकुल handle देता है कि क
02:38करवाना चाहता है प्रशाशन जो है और जो जेनियू का प्रशाशन है वो छात्रों के अभिवावक की तरीके से होता है अगर छात्र गरम है तो प्रशाशन को नरम होना चाहिए और प्रशाशन का काम पुलिस या डंडा या पुलिसिया अत्याचार नहीं है प्रशाशन का
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