00:00पिछले कई दसकों से बिहार की राजनीती में मकर संक्रांती के अफसर पर राजनेताओं के द्वारा दही चुरा भोज का आयोजन होता रहा है।
00:30को से यही परंपरा चली आ रही है कि दही मकर संक्रांती के अफसर पर राजनेताओं के द्वारा दही चुरा भोज का आयोजन होता है।
01:00कर दो दिन बोज दिया करते थे।
01:02खोश्यार थे लालो प्रशादिया थे। उसके पीछे राजनीती चीपी थी।
01:06एक दिन अपने नेताओं को बुलाते थे, कार्ज करताओं को और दूसरे दिन गरीब को बोज देते थे।
01:10उसके बाहने उनकी राजनीती चलती थे। तो आगे बढ़ जाएगे।
01:14दोहजार चौदह में दिल्ली में यह परंपरा राम विलास पाशवान नशुरू की और प्रधान मंत्री मोधी को बुलाया।
01:232010 में राम विलास चुनाओं साथ में नहीं लड़े थे।
01:26उसके बाद से लोक सभा चुनाओं और आगे बिधान सभा चुनाओं लगातार लोजपा साथ में लड़ते रही 2020 को छोड़ दीजे तो।
01:36तो वहां से बिहार की सियासी तस्वीर बदली जब 2015 में भारती जंता पार्टी जंता दल्यू से अलग होके अकेले खड़ी थी।
01:46चलिए थोड़ा आगे आप बढ़ जाते हैं।
01:49लालू प्रशाद यादव दही चुड़ा का मतलब समझ लीजे।
01:55बारह जंबरी 2018 को जब बंद थे लालू प्रशाद यादव जेल में एक जमानत अरजी लगाई गई।
02:03क्या भाई कि दही चुड़ा भोज में मेरे कि हाँ हजारों लोग आते हैं।
02:07बेशती हो।
02:10तो जजज साहब ने कहा जमानत की अरजी खारिज कर दे।
02:15जज साहब शिवपाल सिंथे उनुने कहा कि भाई साथ में हम लोग खाएंगी।
02:19तो लालू प्रशाद बड़ी बदनामी होगी हुजूर।
02:22उससे पहले 2017 में लालू ने ठीका लगाया था नितीस को याद है आपको।
02:27और कहा था कि जादू तो ना कुछ ना काम करी भाज पाके लेकिन सरकारें बदल के हैं।
02:35तो दही चुड़ा भोज का महत्वरा तेजपरताप इसी बहाने परिवार से पार्टी से निकाले जाने के बाद और परिवार से जुदा होने के बाद अपनी राजनीती को आवाद करने के लिए फिर दही चुड़ा भोच गायवजन करने हैं।
02:49तो दही दही चुड़ा एक सबताह तक चलने वाला एक आवजन हो।
03:19बिजय सिना, संतो, सुमा, नेंडिये के तमाम नेताओं को जाकर करने होता हैं।
03:24अब सवाल है कि लालो परिशाद और उनके पार्टी से अलग हुए तेज परताप को क्या यह दही चुड़ा का भोच जो है
03:34उनके सियासी समीकरन को संपुष्ट करने में सही उप करेगा।
03:38यह सवाल सब उनके दिल में।
03:42बीजेपी के नेता तो करते ही रहें।
03:45मैंने क्या कहा।
03:46मैंने कहा कि यह तमाम दही चुड़ा का भोच चौरानमे पंचानमे के दौर से चला आता रहा है।
03:52और भारतिये जनता पार्टी के नेता जैसे विजय सिना हो गए।
03:57वर्षिष्ट वावू का दही चुड़ा भोच का आयोजन बहुत नामी था।
04:02लेकिन यह चर्चा नहीं होती थी कि तिलकुट कईसा है।
04:05दही कईसा है। यह चर्चा होती थी कौन वागी किसके टीम में पहुँच गया।
04:10तो इस वार जो लालू के घर का बागी है उसके दही चुड़ा के भोच का खास मात।
04:40अब देख सकते हैं कि उनके आवास के बाहर बड़े बड़े होर्डिंग्स लगा दिये गए हैं।
05:10दही चुड़ा भोच का उसमें वो शामिल हो।
05:12हलाकि बिहार में कई बड़े नेता दही चुड़ा भोच का आयोजन करते रहे हैं।
05:18नितिन नवीन जो बीजेपी के रास्चे कारिकारी अध्यक्ष बने हैं।
05:20वो पिछले कई वर्षों से अपने आवास पर दही चुड़ा भोच का आयोजन देते रहे हैं।
05:26लेकिन इस बार वो बीजेपी के कारकारी अध्यक्ष बने हैं।
05:30इस बार उमीद की जा रहे हैं कि वो दिल्ली में दही चुड़ा भोच का आयोजन करेंगे।
05:35क्योंकि 12 तारिक तक उनका तमिलाडू का दोरा है।
05:38इसलिए इस बार शायद वो पटना में दही चुड़ा का भोच आयोजन नहीं कर पाएंगे।
05:44बिजय सिन्हा जो बिहार के डिप्टी सीम हैं वो भी पिछले कई वरसों से दही चुड़ा भोच का आयोजन करते रहे हैं।
05:50और इस बार उमीद है कि वो अपने सरकारी आवास पर दही चुड़ा भोच का आयोजन करेंगे।
05:56उसकी तयारी भी आज शाम से शुरू हो जाएगी।
05:59तो बिहार की राजनीती में दही चुड़ा का जो पॉल्टिक्स है वो हमेशा से प्रभावी रहा है।
06:04रहा है।
06:05लगातार जो बड़े नेता हैं चाहे वो नितिशकुमार हों या लालु यादब हों।
Be the first to comment