उन्नाव दुश्कर्म मामला पूरे देश को झकझोर देने वाला केस था, जिसने यह दिखाया कि कैसे सत्ता, राजनीति और चुप्पी मिलकर न्याय में देरी कर सकती हैं। इस वीडियो में हम उन्नाव केस की पूरी टाइमलाइन को सरल भाषा में समझाते हैं — शुरुआती आरोपों से लेकर कुलदीप सिंह सेंगर की सजा और हालिया अंतरिम जमानत तक।
00:00उन्होंने मेरे बड़े पापा को मारा था, फिर मेरे पापा को मारा, फिर मेरी बहन के साथ ये कांड हुआ, वो बाहर तो आ गए हैं, लेकिन हम लोगों के उपर खतरा मर रहा है।
00:30ये केस शुरू कैसे हुआ, देश भर में आउट्रेज क्यू हुआ, और सेंगर की बेल का असली मतलब क्या है।
01:00ये आवाज उठाती रही, केस और भी जादा डिस्टॉबिंग होता चला गया।
01:062018 में, सर्वाइवर के फादर की पुलिस कस्टडी में देथ हो गई, जहां असॉल्ट के एलिगेशन्स लगे।
01:13कुछी टाइम बाद सर्वाइवर का एक मिस्टीरिस कार एक्सिडेंट हुआ, जिसमें उसके दो रेलेटिप्स की जान चली गई, और सर्वाइवर खुद भी क्रिटिकल कंडिशन में पहुँच गई।
01:22इस पॉइंट पर पूरा देश एक ही सवाल पूछ रहा था, क्या सर्वाइवर को चुप कराने की कोशिश हो रही है, क्या सिस्टम पर पॉलिटिकल पावर का प्रेशर है, पबलिक एंगर पूरे इंडिया में फैल गया, मैसिफ पबलिक प्रेशर के बाद के सीबी आई को �
01:52इस इंटिमिडेशन भी थी, इस कन्विक्शन को लोगों ने एक रेर मॉमेंट माना जहां पावर जस्टिस पर भारी नहीं पड़ी, अब जो सबसे ज़ादा कन्विक्शन है, वो ये है कि सेंगर बेल पर कैसे बाहर आया, सच ये है कि उन्हें बेल दे दी गई है और दिल्
02:22से नहीं, सिस्टम से भी लड़ना पड़ता है, डिले खोद एक पनिश्मेंट बन जाता है, लेकिन पॉब्लिक प्रेशर से अकाउंटिबिलिटी पॉसिबल हो सकती है, अब इस केस के बाद सर्वाइवर प्रोटेक्शन पर बाद बढ़ी, पॉलिटिकल अकाउंटिबिलि�
02:52जस्टिस का मतलब सिर्फ कन्विक्शन नहीं, जस्टिस का मतलब है सेफटी, डिगनिटी और ये अश्यॉरेंस की जो बोलेगा उसे सजा नहीं मिलेगा
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