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  • 2 weeks ago

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Transcript
00:00नागिन देवरानी
00:02चट मंगनी पट ब्याह तो सुनाई होगा आपने, लेकिन ऐसा?
00:07अरे, यह कैसे ले आया तू? कान है यह लड़की?
00:11हाई रहा, कहीं शादी तो नहीं कर ली ना तूरे इस से?
00:14देवर जी, क्या होगी आपको? आप तो आफिस के लिए निकले थे, यह शादी करके कैसे आ गया?
00:23हाँ, आफिस के लिए ही गया था, लेकिन रास्ते में मिल गई तो शादी कर ली, क्यों? नहीं करने थी क्या?
00:31तबी बड़ा भाई आ चाता है
00:32यह कैसे बात कर रहा है चोटे? शादी ऐसे थोड़ी ना होती है
00:37तबी नई नवेली दुलहन अपना गुंगट हटाती है, सबी उसका चेहरा देखकर ड़ जाते हैं
00:45भाईया, यह आपकी बीबी की आखे कैसी नागिन जैसी है?
00:50तबी देवरानी मूँ खोलती है और पतली सी जीब बहार करती है जैसे कोई नागिन हो
00:57इसकी तो जीब भी किसे नागिन की जीब की तरह है?
01:04ए भगवान, घोर अनर्थ हो रहा है इस गर में, और कौन है यह लड़की?
01:09खेर, सारी कहानी दर्वाजे में हो जाती है और लड़का लड़की को लेकर घरके अंदर आ जाता है, कुछ दिनों बाद
01:17अरे नागिन, माफ करना, नेलम, यह तुम क्या कर रही हो कटोरी में मू लगा कर?
01:24नेलम जैसे ही मू उपर करती है, तो उसके मू पर दूद लगा होता है, चिठानी डर जाती है
01:32यह क्या है? ऐसे किसे दूद पी रही हो, तुम किसी नागिन की तरह?
01:37देवरानी कुछ नहीं बोलती, बस चिठानी को घूरती रहती है, चिठानी सास के पास जाती है और
01:44सासुमा, सासुमा, जल्दी से सुनो, आरा क्या हो गया बड़ी पहू, क्यों इतनी डरी हुई है? सब ठीक तो है ना?
01:52अरे कहां ठीक है माजी, मैं तो अपने माई के जा रही हूँ
01:55सास डर जाती है, मैं भी तेरी मा से काफी दिनों से नहीं मिली न, चल जरा, मैं भी उनके हाल चाल देख लो
02:04दोनों सास बहु फटा फट कपड़े पैकर के निकल ही रही होती है, कि दर्वाजे पर खड़ी होती है देवरानी, जेठानी पूछ लेती है
02:14क्या हुआ नागिन? अरा नीलाम, नीलाम नाम है उसका
02:19फिर अचानक सास की नजर छोटी बहु की आँख पर पड़ती है
02:25अरे बड़ी बहु, छोटी बहु की आँख में तो देखो
02:30क्या है माँ यहाँ डर की मारे मेरी आलत खराब हो रही है और आपको इसकी आँख की बड़ी है
02:36देवरानी की आँख में ससूर की फोटो होती है
02:40हाई रे माजी, इसकी आँख में दुसे सूर्जी की फोटो है, अब जिरॉक्स की मशीन लगा रखिये, क्या आँखो में?
02:47बेटा, तेरे सूर्जी की फोटो इसकी आँख में कैसे उतर आई?
02:52सारा ड्रामा चल ही रहा था कि वहाँ दीवराता है
02:55अरे निलम क्या हो गया? यहाँ ऐसे पुश्पाराज की तरह क्यों खड़ी हो?
03:01देखो ना, भाबी और माजी दोनों मुझे छोड़ कर जा रही है
03:05मैं गैसे पूरा घर अके लिए देखूंगी?
03:08और माजी, सूर्जी कहा है, दिखाई नहीं दे रहे हैं
03:13तेरी आँख में, तेरी आँख में
03:16क्या इसकी आँख में मा? इसकी आँख का ही तो दिवाना हो गया था मैं
03:21कहा है सूर्जी? उनसे ही तो मिलने के लिए मैंने शादी की है
03:27सारा घर दीवरानी की इस बात पर हैरान सारे जाता है
03:31उनसे मिलने के लिए
03:33तो मैंने शाадी की थी
03:34तू तो बहू है
03:36और वो यहाँ नहीं रहते
03:38क्या? यहाँ नहीं रहते
03:41वैसे बुढ़ियोर तेरी हर्कती
03:43यह ऐसी है कि तेरे साथ
03:44कोई नहीं रह सकते
03:45दखो नागिन, सौरी निलम
03:48साशुमा के लिए ऐसी बातें मत करो, समझी?
03:51वो तो ससुर जी कमाने के लिए पढ़ देज गए है, हाँ
03:55जिठानी की बात सुनकर, देवरानी नागिन की तरह यहाँ वहाँ रहेंगने लगती है
04:00मतलब दाड़ने लगती है
04:02क्या हो गया निलम, पापा यानी रहते से तुम्हें क्यों परिशानी हो रही है?
04:07अरे बहु आ रहे है तेरे ससुर जी कल, वैसे बात क्या है?
04:13मा जी, मुझे दाल में काला लग रहा है, आखिर किसी ससुर के लिए बहु का इतना परिशान रहना
04:19मा जुरा क्या है?
04:22अच्छा, कला रहे हैं, तब तो कल ही उनका काम तमाम कर, मैं अपना बदला ले लूँगी
04:30काम तमाम मतलब मैं समझी नहीं बहु
04:37निलम संभल जाती है और कहती है
04:40मतलब, वो मेरी मा ने मुझे ससुर जी को देने के लिए
04:45गिफ्स दिया है ना, वो उनके हाथ में दे दू
04:49अच्छा, तेरी मा ने मेरे लिए भी कुछ दिया है, क्या?
04:55और बड़ी भाई-भावी के लिए, अरे उनका भी तेहक बनता है ना
04:59हाँ, हाँ, तू ले ले पहले, अरा कहां से यह आ गई, ना मेरा बेटा घोड़ी चड़ा, ना भावी ना काजल डाला, ना सास की पैर पुझाई
05:07ये सब क्या बकी, सॉरी, ये सब क्या बोली जा रही है, वैसे ससूर जी आ जाए, तो उनसे मिलकर मैं चली जाओगी
05:20अरे कहां चली जाओगी, मैं क्या करूँगा तुम्हारे बिना, ने ने मैं तुम्हें नहीं कहीं जाने दूँगा नेलम
05:27पती के इतने प्यार भरे शब्दों से नागिन सौरी नीलम इमोश्रल हो जाती है और वो जैसे ही इमोश्रल होती है उसका रंग नीला पड़ जाता है
05:38अरे ये क्या हो गया नीलम को ये नीली कैसे हो गई
05:42अरा पता नहीं मुझे तो इसमें इंसानों के गुण कभी दिखे ही नहीं
05:47तो क्या जानवर है ये नहीं बावी मेरी नीलम तो अफसरा है जो परी लोग से आई है
05:54माई यही कहना चाहती थी ना आप
05:56ये तो पता नहीं, फिलहाल तूर इसे अपने कमरे में लेकर जा
06:01और इसे बोल के असली रंग में आजाए
06:03पती नीलम पूल लेकर कमरे में जाता है
06:06मैं तुमसे ये कहना चाहती हूँ की तुमना मुझसे इतना प्यार ना किया करो
06:13कैसी बात करती हो पती हूँ मैं तुम्हारा अब तो तुम से ही मेरी जिन्दगी है तुम हो तो मैं हूँ और मैं हूँ तो तुम क्यों है न नीलम पती के गले लग चाती है
06:25मैं ना, तुम्हें कुछ बताना चाहती हूँ, तुम्हें यादे, मेरी और तुम्हारी शाधी कैसे हुई थी?
06:34हाँ, मैं भी यही पूछना चाह रहा था, पर जो भी ओ, मैं तो लखी हूँ, कि रहा चलते ही, मुझे इतनी प्यारी और अच्छी लड़की मिल गई
06:44नीलम पती को कुछ बताना चाह रही थी, लेकिन नजानी क्या सूच कर, वो चुप हो जाती है, फिर अगले रूज
06:51अरे पहू, आ देख, तेरे ससुर जी आ गए, अरे कहा हो दोनों?
06:59नीलम और उसकी जिठानी ससुर की पास आते हैं
07:02हाँ, आप तो पहले ही आने वाले थे, पिछले महिने भी आप नहीं आए, क्या हुआ, सब ठीक तो है ना?
07:14अहाँ, वो मेरे कावर के नीचे एक सांप आ गया था
07:17ये सुनते ही नागिन देवरानी की आँख हरी हो जाती है
07:21फिर? फिर क्या हुआ?
07:23मैं उस सांप को उठा कर जानवरो के डॉक्टर के पास ले गया
07:26बला हुआ कि सांप की सांस चल रही थी लेकिन सांप ने मुझे डस लिया
07:31हाई रे, आपको सांप ने डसा?
07:34पापा ठीक तो है ना?
07:37ठीक है तेरा बाप, तब ही तो सांपने खड़ा है
07:40लेकिन सोचो, सांप भी किसी का पिता था
07:44उसके भी बच्चे थे
07:46ये बोलकर दिवरानी की आँख से पानी निकलने लगता है
07:49ये कौन है? और कैसी भाशा में बात कर रही है?
07:53पापा ये मेरी बीवी है, मैंने शादी कर ली
07:55और ये ना थोड़ी इमोश्रल है तो सांप के लिए थोड़ी इमोश्रल हो गई
08:00नई, नई, सांप तो ठीक है
08:03भले ही उसने मुझे काट रहा लेकिन गल्ती मेरी थी
08:07मैंने सड़क पर देखे बिना ही कार उस पर चला दी
08:10अभी-अभी डॉक्टर का फोन आया था कि साप को वापस उसे जंगल में छोड़ दिया है
08:15बिचारी की बीबी उस साप का इंतजार कर रही होगी
08:18क्या? क्या पापा सिंदा है? वो ठीक है?
08:25हाँ, मेरे पापा तो ठीक है, सामने ही तो गड़े है, क्यों क्या हो गया?
08:28अभी बेल बचती है और सामने एक महिला खड़ी होती है
08:32मा तुम, ये तुम्हारी मा है? आई आई ये बहन जी
08:37बेटा नीलम, अब घर जाने का वक्त आ गया है
08:42तेरे पापा घर आ गया है, तो जिस काम के लिए आई थी वो नहीं करना
08:48घर जाने का वक्त, ये क्या बात कर रहे है
08:51मैं आप लोगों से सब पता दी हूँ, मैं एक नागिन हो
08:56हम लोगों को लगा, कि ससुर्जी ने मेरे पिता को मार दिया है
09:01तो मैं उनसे अपनी पिता का बदला लेने आई थी
09:04लेकिन भले इंसान ने हाद से की बात
09:07ना सिर्फ मेरे पिता की जान बचाई, अपनी जान पर भी खेल गए
09:12मैं माफी चादी हूँ, मुझे इजासत दीजी
09:16नहीं नी निलम, मैं तुमारे बिना नहीं रह सकता
09:19अरा तो क्या नागिन के साथ रहेगा बिटा?
09:23नहीं, नीलम चाही तो वो नागिन का जीवन छोड़ सकती है
09:27हाँ मा, आप मुझे नॉर्मल लड़की बना दीजे
09:31मैं अब इसी परिवार का हिस्सा रहना चाहती हूँ
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